पैसों के लालच में दोस्त ने छीन लिया मां का आखिरी सहारा
करछारी गांव की सुशीला चौहान के परिवार में नहीं बचा अब कोई सदस्य
पति और बड़े बेटे की पहले ही चुकी है मौत
अमर उजाला ब्यूरो
रोहडू। पैसों के लालच में दोस्त ने परिवार के आखिरी सहारे को भी छीन लिया है। ललित की मौत के बाद घर में मां बच गई है। जिसका अब कोई सहारा नहीं है। ललित की हत्या की सूचना के बाद हर कोई सन्न रह गया है। एक दोस्त ने पैसों के लिए दोस्त को मौत के घाट उतार दिया। करछारी गांव सुशीला चौहान के पति दलीप चौहान का साल 2016 में सेना की ड्यूटी के दौरान निधन हो गया था। इससे पहले साल 2011 में सड़क हादसे में बड़े बेटे की भी मौत हो गई थी। इसके बाद ललित ही मां सुशीला का आखिरी सहारा बचा था। जो पैसों के चक्कर में दोस्त के हाथों मारा गया। मां अपने भाइयों और रिश्तेदारों के साथ लंबे समय से ललित की तलाश कर रही थी। मां को उम्मीद थी कि ललित मिल जाएगा लेकिन उसकी ये उम्मीद भी खत्म हो गई।
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परिजनों को गुमराह करता रहा आरोपी लोकेश
आरोपी लोकेश परिजनों को गुमराह करता रहा कि ललित उसके पास दो दिन ठहरा था। वह विदेश जाने की तैयारी में था। जबकि घर से निकलने से पहले ललित ने बताया था कि लोकेश के पास उसने साढ़े चार लाख रुपये वीजा बनाने के लिए दिए हैं। लोकेश लोगों को वीजा दिलाने वाली एक कंपनी में काम करता है। घर से निकलते समय ललित ने 55 हजार मां से भी लिए थे। हत्या का मामला पैसों के लेनदेन पर ही घूम रहा है।
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हत्या से एक दिन पहले हुआ था झगड़ा
हत्या से एक दिन पहले ललित और लोकेश का पैसों के लेनदेन को लेकर झगड़ा हुआ था। पांच जनवरी को लोकेश ने ललित को नशीले पदार्थ का सेवन करवाया और फिर एकांत स्थान पर ले गया। रात के अंधेरे में लोकेश ने ललित को मौत के घाट उतार दिया।