हरियाणा के लिए आवश्यक
चरस तस्कर को 10 वर्ष का कठोर कारावास, जुर्माना
एक किलो चरस के साथ बजीरबावड़ी में पकड़ा गया था रविंद्र
एक लाख का जुर्माना, अदा नहीं करने पर होगा अतिरिक्त कारावास
अमर उजाला ब्यूरो
रामपुर बुशहर। जिला एवं सत्र न्यायाधीश किन्नौर स्थित रामपुर ने एक व्यक्ति को चरस तस्करी के आरोप में दोषी पाए जाने पर दस वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोषी की पहचान रविंद्र कुमार, पुत्र बेलेराम गांव ओवराखेरी, हरियाणा के तौर पर हुई है। दोषी को एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना अदा करने की सूरत में दोषी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक 30 जून 2010 को पुलिस रामपुर से तीन किलोमीटर आगे बजीरबावड़ी के समीप ब्रौ पुलिस गश्त पर थी। उस समय शाम के करीब सात बजे एक व्यक्ति निरमंड की तरफ से पैदल पुल की तरफ आ रहा था। पुलिस ने उसे रोका और उससे पूछताछ की। पुलिस को देखकर वह हड़बड़ा गया और अपनी सही पहचान छुपाने लगा। जिस पर पुलिस ने उसकी तलाशी ली जिसमें उसके बैग से एक किलो चरस बरामद की गई। जिसके बाद उसे एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर दिया गया। जिसके बाद यह मामला कोर्ट में चला और करीब नौ वर्ष बीत जाने के बाद इस मामले में अंतिम फैसला सुनाया गया। इस मामले की पैरवी उप जिला न्यायवादी कमल चंदेल ने की।