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वार्ड नंबर सात की पार्षद रीता बादल पर अवैध कब्जा साबित

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पार्षद रीता बादल पर अवैध कब्जा साबित
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नगर परिषद के अध्यक्ष पद आरक्षित होने के कारण अब नहीं बचा कोई दावेदार
रीता बादल को माना जा रहा था नगर परिषद के अध्यक्ष पद की प्रबल दावेदार
राजस्व विभाग की जांच में खुलासा, आपत्ति के लिए दिया एक माह का समय
अमर उजाला ब्यूरो
रामपुर बुशहर। नगर परिषद रामपुर में मची उथल-पुथल का दौर थमने के नाम नहीं ले रहा। वार्ड नंबर सात खोपड़ी-ल्हासा की पार्षद रीता बादल पर भी अवैध कब्जे का आरोप साबित हुआ है। नियमानुसार अब पार्षद को अपना पद भी गंवाना पड़ सकता है। जल्द ही राजस्व विभाग अवैध कब्जा हटाने की प्रक्रिया शुरू करेगा। वहीं पार्षद रीता बादल को अपनी आपत्ति दर्ज करने के लिए एक माह का समय दिया गया है। ऐसे में अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित नप अध्यक्ष पद के लिए अब कोई दावेदार नहीं बचा है।
नगर परिषद रामपुर में पार्षदों की अंतर्कलह खुल कर सामने आ रही है। पूर्व में वार्ड नंबर आठ डकोलढ़ की अध्यक्ष मीना कुमारी के खिलाफ कांग्रेस समर्थित पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव पारित कर अध्यक्ष पद से हटाया था। इसके बाद उपाध्यक्ष के खिलाफ अवैध कब्जा साबित होने पर उपाध्यक्ष को भी हटा दिया गया था। कोर्ट से उपाध्यक्ष को 30 अप्रैल तक का स्टे मिला है। अब अध्यक्ष पद की प्रबल दावेदार मानी जा रही पार्षद रीता बादल पर अवैध कब्जे का मामला साबित हो गया है। राजस्व विभाग की टीम ने जब जांच की तो पार्षद सहित परिवार के 4-5 सदस्यों पर अवैध कब्जा साबित हुआ है।
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गौरतलब है कि नगर परिषद रामपुर की अध्यक्ष पद की सीट महिला अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। ऐसे में इस सीट के लिए दो महिलाएं ही दावेदार थीं, जिनमें से पार्षद मीना कुमारी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की गाज गिरी है, वहीं अब पार्षद रीता बादल को भी अवैध कब्जे की कार्रवाई के तहत नगर परिषद से बाहर का रास्ता देखना होगा। अब नप के आगामी चुनावों तक अध्यक्ष पद रिक्त ही रहने की संभावनाएं जताई जा रही हैं। नगर परिषद के वार्ड 3 और 5 के पार्षदों पर सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे करने के मामले चल रहे हैं। रामपुर नप में मची इस खलबली से समूचे नगर परिषद क्षेत्र में विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
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वहीं इस संबंध में तहसीलदार रामपुर विपिन ठाकुर ने बताया कि वार्ड सात की पार्षद पर अवैध कब्जा साबित हुआ है। नियमानुसार पार्षद को एक माह का समय दिया गया है। पार्षद एसडीएम के समक्ष अपनी आपत्ति दर्ज करवा सकती है। पार्षद समेत परिवार के 4-5 व्यक्तियों पर अवैध कब्जा साबित हुआ है। विभाग जल्द ही अवैध कब्जा छुड़ाने की प्रक्रिया को अंजाम देगा।
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