ठेकेदार की लेटलतीफी से सोईधार-व्युंगल पेयजल योजना का नहीं मिल रहा लाभ
आशीष शर्मा
दलाश (कुल्लू)। क्षेत्र की दो पंचायतों के हजारों लोगों के लिए करीब एक करोड़ रुपये से पेयजल योजना का निर्माण तो शुरू हुआ, लेकिन चार वर्ष बाद भी निर्माण अधर में है। जल शक्ति विभाग और ठेकेदार की लेटलतीफी के कारण हजारों लोग योजना से वंचित हैं। हालात ये हैं कि दो पंचायताें के एक दर्जन गांव के हजारों ग्रामीण पेयजल किल्लत की समस्या से जूझ रहे हैं।
चार वर्ष से सोईधार-व्युंगल पेयजल योजना का निर्माण कार्य कछुआ गति से चल रहा है। विभाग और ठेकेदार की लेटलतीफी से ग्रामीणाें को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। करीब 1.06 करोड़ से बनने वाली पेयजल योजना से दो पंचायतों दलाश और व्युंगल पंचायत के गांव भगीरी, जैऊनाल, खटोआ, खमारू, जवेर, सोईधार, गोहाण, सारली, बधारी आदि गांवों के ग्रामीण लाभान्वित होंगे।
इस योजना के लिए कंडी नाला से पानी लाया जाना है। उसे गोहाण गांव के साथ बनाए जा रहे स्टोर टैंट में डाला जाएगा। यहां फिल्टर बेड और स्टोर टैंक बनाए जा रहे हैं। यहां से पानी फिर इन गांवों के लिए बांटा जाएगा, लेकिन चार सालों से ये काम धीमी गति से चल रहा है।
विभाग और ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
ग्रामीण संजीव शर्मा, मेहर चंद, राकेश, सुभाष, प्रदीप शर्मा, अनुज का कहना है कि गर्मियों में गांव में पानी की खासी किल्लत होती है। यह पेयजल योजना जल्द तैयार हो जाती है, तो लोगों को सहूलियत मिलती। उन्हाेंने जल शक्ति विभाग और ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया है। उन्हाेंने प्रदेश सरकार और जल शक्ति विभाग से जल्द योजना का कार्य पूरा करवाने की मांग की है।
सभी जगह पाइपलाइन बिछा दी गई है। पानी आना इसमें शुरू हो गया है। अभी दलाश स्टोर टैंक में पानी डाला जा रहा है। इस योजना के तहत जो टैंक बनाया जा रहा है, वह काम ठेकेदार छोड़कर चला गया था। अब नए ठेकेदार को काम दिया है। जल्द ही पेयजल योजना का कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
-देवेंद्र कुमार, कनिष्ठ अभियंता, जलशक्ति विभाग दलाश