एसडीएम रोहड़ू ने जारी किए आदेश
कुलगांव में हुई घटना के बाद दिए फरमान, सार्वजनिक सुरक्षा के लिए बताया खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। उपमंडल प्रशासन रोहड़ू ने कुलगांव में हुई दुखद घटना के बाद कड़ा कदम उठाते हुए सार्वजनिक और धार्मिक आयोजनों में हथियारों के इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। उपमंडलाधिकारी (एसडीएम) रोहड़ू की ओर से 27 अप्रैल को जारी आदेश में स्पष्ट किया है कि अब किसी भी प्रकार के समारोह में हथियार ले जाना और हर्ष फायरिंग करना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
प्रशासन के अनुसार 26 अप्रैल को कुलगांव में एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान हवाई फायरिंग में एक महिला की मौत हो गई थी। इस घटना को गंभीरता से लेते हुए इसे सार्वजनिक सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा माना गया और तत्काल प्रभाव से यह निर्णय लागू किया गया।
आदेश में भारतीय शस्त्र अधिनियम, 1959 के प्रावधानों का हवाला देते हुए कहा गया है कि समारोहों में फायरिंग करना दंडनीय अपराध है। लाइसेंसी हथियार का दुरुपयोग करने पर सजा और जुर्माने का प्रावधान है। सार्वजनिक स्थानों पर बिना उचित कारण हथियार ले जाना भी प्रतिबंधित है, खासकर धार्मिक और सामाजिक आयोजनों में।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि रोहड़ू उपमंडल के अंतर्गत किसी भी सार्वजनिक, धार्मिक या सामाजिक कार्यक्रम जैसे विवाह, मेले और मंदिर समारोह में लाइसेंसी हथियार ले जाना पूरी तरह वर्जित रहेगा। साथ ही किसी भी प्रकार की सेलिब्रेटरी या हर्ष फायरिंग पर पूर्ण रोक लगाई गई है। नियमों का उल्लंघन करने पर हथियार का लाइसेंस तुरंत रद्द किया जाएगा और संबंधित व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा कार्यक्रम आयोजकों की जिम्मेदारी भी तय की गई है। उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि आयोजन स्थल पर कोई भी व्यक्ति हथियार लेकर न आए। किसी भी उल्लंघन की स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचित करना अनिवार्य होगा। पुलिस को भी निर्देश दिए गए हैं कि ऐसे लोगों की पहचान की जाए जो सार्वजनिक आयोजनों में हथियार लेकर आते हैं और आवश्यकता पड़ने पर उनके हथियार अस्थायी रूप से जमा करवाए जाएं।
प्रशासन ने कहा है कि यह आदेश जन-जीवन की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से जारी किया गया है। लोगों से अपील की गई है कि वे नियमों का पालन करें। किसी भी प्रकार की लापरवाही से बचें, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।