ग्रामीणों में रोष, राशन सही तरीके से वितरित न करने की जताई आशंका
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। खाद्य आपूर्ति विभाग ने उपमंडल रामपुर के तीन राशन डिपो को घाटे का सौदा बताकर निजी हाथों में सौंप दिया है। दुर्गम पंचायत काशापाट, दरकाली और झाकड़ी शामिल है। अब निजी डिपो संचालक सिविल सप्लाई के राशन को वितरित करेगा। ग्रामीणों ने इसको लेकर रोष पनपा है। ग्रामीणों ने निजी डिपो संचालक पर सही तरीके से राशन वितरित न करने की आशंका जताई है।
दरकाली पंचायत के पूर्व उप प्रधान चेतन पाकला ने कहा कि ये सोसायटियां कई साल पुरानी हैं। पंचायत के ग्रामीण सिविल सप्लाई के राशन पर आश्रित हैं। ऐसे में खाद्य आपूर्ति विभाग का यह तर्क कि यहां पर डिपो चलाना घाटे का सौदा है, बिल्कुल भी तर्कसंगत नहीं है। ग्रामीणों ने कहा कि अगर खाद्य आपूर्ति विभाग को घाटे होने का कोई आधार होता तो उन्हें पंचायत की ग्राम सभा में यह बात रखनी चाहिए थी कि यहां पर ग्रामीण राशन नहीं ले रहें है, ऐसे में उन्हें घाटा हो रहा है, लेकिन अंदरखाते विभाग ने डिपो को निजी हाथों में सौंप दिया, जो गरीब ग्रामीणों के हितों के साथ सीधा खिलवाड़ है। कहा कि निजी डिपो संचालक कैसे राशन की सही ढंग से आपूर्ति कर पाएगा। जबकि उसे पहले खुद सिविल सप्लाई विभाग से राशन खरीदना पड़ेगा, जिसके बाद वह उसे वितरित कर पाएगा। पाकला ने कहा कि यह सरकार की सोची समझी साजिश है कि जो सोसायटियां दूरदराज क्षेत्रों में चल रही हैं, उसे निजी हाथों में सौंप दो, ताकि कभी आपदा आने पर यहां पर राशन पहुंचाने की जवाबदेही न रहे।
उधर, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग रामपुर के निरीक्षक राम सिंह कटोच का कहना है कि रामपुर खंड के राशन डिपो काशापाट, दरकाली और झाकड़ी को निजी हाथों में दिया गया है। ये तीनों सोसायटियां घाटे में चल रही थीं।