रोहडू मेले के समापन पर लोनिवि मंत्री विक्रमादित्य सिंह को माला भेंट करते स्थानीय नेता
रोहड़ू। राज्य स्तरीय रोहड़ू मेले की दूसरी सांस्कृतिक संध्या में पहाड़ी नाटियों की धूम रही। सांस्कृतिक संध्या में मौजूद हजारों लोग रात दस बजे तक पहाड़ी नाटियों पर थिरकते रहे। जुब्बल के लोक गायक विक्की चौहान और चौपाल के लोक गायक हन्नी नेगी की प्रस्तुतियां मेले का मुख्य आकर्षण रहीं। इस मौके पर मुख्य संसदीय सचिव मोहन लाल ब्राक्टा बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित हुए। कार्यक्रम में एसडीएम सनि शर्मा भी मौजूद रहे।
सांस्कृतिक संध्या का आरंभ शाम छह बजे सीता राम बागड़ी और शीतल बागड़ी की प्रस्तुति के साथ हुआ। उसके बाद क्रमवार विनोद शर्मा, धीरज मेहता, राजवीर नेगी, बालकृष्ण, दीक्षिता ब्राक्टा, मदन झाल्टा, रामेश्वर शर्मा, डिंपल ठाकुर, ममता भारद्वाज, तांतरा बायज, लाहौल सुरसंगम ग्रुप ने अपनी अपनी प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण चौपाल के गायक हन्नी नेगी और जुब्बल के लोकगायक विक्की चौहान की प्रस्तुतियां रहीं। हन्नी नेगी ने .. पौता भी न लागदा.., मेरा बेगमा.., धारो पांदे लागो.., मुंगड़ी जोगे न रोए कानो.., ऐस मुंजरे जुगी जवाना रे.., हो बांकी चंदरा.., प्यारी इंदरा.., सहित कई पहाड़ी गीतों की प्रस्तुति से उपस्थित लोगों का जमनकर मनोरंजन कया।
लोक गायक विक्की चौहान ने चमचमांदे न तेरे दांदड़ू बांठणिये.., झुमके झुमके कानो रे झूमके.., ये लगी नाटी.., .धोनी राजा जुब्बल रा.., पारा पानुआ सुंगरी धारा.., मामा बिंडुर माचिगो..,सहित कई गीत गाए।