नेरवा/रोहड़ू। बीते दिनों हुई बारिश के कारण ऊपरी शिमला में काफी नुकसान हुआ है। भारी बारिश, बादल फटने और भूस्खलन के करोड़ों की चपत लगी है। इसी क्षति का जायजा लेने के लिए मानवाधिकार मंत्रालय की आपदा प्रबंधन टीम ने रोहड़ू उपमंडल और नेरवा का दौरा किया और नुकसान की रिपोर्ट तैयार की। आपदा प्रबंधन के संयुक्त सचिव संजीव कुमार जिंदल के नेतृत्व में केंद्रीय आंतरिक मंत्रालय का संयुक्त दल रोहड़ू पहुंचा है।
गौरतलब है कि अगस्त माह में रोहड़ू के कई क्षेत्रों में बाढ़ और बादल फटने से निजी व सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान हुआ है। इसके अतिरिक्त नेरवा क्षेत्र में भी बाढ़ से भारी नुकसान हुआ है। लोगों की कई बीघा जमीन बह गई है। बागवानों के सेब से लदे पेड़ बादल फटने से मलबे की चपेट में आ गए। जिससे उनकी पूरे साल भर की मेहनत पर पानी फिर गया।
इसी नुकसान का जायजा लेने दिल्ली से आई टीम ने चिड़गांव, गुम्मा, बडियारा, सनैल, कुड्डू, झाल्टा, गिल्टाड़ी, रोहड़ू, नेरवा, दयांडली नाला, शाल्वी नदी, राणाक्यार, भराणू और मषरांह का दौरा किया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न विभागों और स्थानीय प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। टीम की ओर से नुकसान की रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपी जाएगी। केंद्रीय टीम में केंद्रीय वित्त मंत्रालय के निदेशक थांगलेमिलान केंद्रीय कृषि विभाग के निदेशक विपुल कुमार, केंद्रीय जल संसाधन विभाग के निदेशक ओपी गुप्ता सहित विभिन्न सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।