दुर्गम ग्रामीण रूटों पर आए दिन हांफ रही बसें बनीं आफत, लोगों को झेलनी पड़ रही परेशानी
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अभियान : दुर्गम क्षेत्र के यात्रियों को कब मिलेगी राहत, आए दिन हांफ रही बसें बनी आफत बस सेवा ठप होने से क्याव पंचायत के स्कूली बच्चों को लगानी पड़ती है 7 किलोमीटर की पैदल दौड़ दो पंचायतों की समस्या होती है दूर तो तीन पंचायतों की आबादी झेलती है परेशानी
ग्रामीण रूटों पर अक्सर बस सेवा हांफने से 15/20 क्षेत्र के हजारों लोग परेशान
आंदोलन की तैयार में ग्रामीण सरकार और निगम प्रबंधन से सुधार की उठ रही मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। जरा ठहरिए, एचआरटीसी की टिकट पर है सफर तो कदमों पर रखिए भरोसा। ऐसा ही हाल है रामपुर के दुर्गम क्षेत्रों में हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की बस सेवाओं का। दुर्गम ग्रामीण रूटों पर दौड़ाई जा रहीं बसें कब रास्ते में खराब हो जाएं और सवारियों को पैदल अपने कदमों के भरोसे गंतव्य तक सफर करना पड़े, कुछ कहा नहीं जा सकता। कभी एचआरटीसी की बस सेवाएं ग्रामीण इलाकों के हजारों लोगों की राह आसान करती थीं, लेकिन वर्तमान में कहानी कुछ अलग है। तंगी से जूझ रही सरकार और लड़खड़ाई परिवहन व्यवस्था ग्रामीणों की दुश्वारियां बढ़ाने का काम कर रही है। आज भी दुर्गम क्षेत्र में बस सेवा ठप होने से विद्यार्थी सात किलोमीटर की पैदल दौड़ लगाने को मजबूर हैं। हजारों ग्रामीण, मरीज, किसान, बागवान और महिलाएं आए दिन परिवहन निगम की बस सेवाओं से जूझते रहते हैं। बसों सेवाओं में सुधार के आश्वासन तो जरूर मिलते हैं, लेकिन धरातल पर कुछ नहीं बदलता। कूट और क्याव पंचायत के ग्रामीण बीते दो दिन से बस सेवा ठप होने से यातायात सुविधा से वंचित हैं। रामपुर उपमंडल के दुर्गम क्षेत्र 15/20 की 6 पंचायतों के ग्रामीण बीते कई वर्षों से बेहतर बस सेवाओं को तरसे हुए हैं। क्षेत्र की कूट, क्याव, फांचा, जघोरी, लबाना सदान और गानवी पंचायत के ग्रामीण आए दिन बीच रास्ते में बस के खराब होने से दिक्कतें झेलते हैं। बीते दो दिन से कूट और क्याव पंचायत के लिए चलने वाली बस रूट पर खराब पड़ी है और पंचायत के ग्रामीण आवाजाही करने में परेशानी झेल रहे हैं। सबसे अधिक दिक्कतें विद्यार्थी झेल रहे हैं। दो दिन से बस सेवा ठप होने से क्याव पंचायत के विद्यार्थी सात किलोमीटर का पैदल सफर कर गानवी स्कूल पहुंच रहे हैं। बस सेवा ठप होने से कूट और क्याव पंचायत के ग्रामीण, स्कूली बच्चे खासे परेशान हैं।
क्याव को भेजी बस तो फांचा और जघोरी पंचायत के ग्रामीणों को झेलनी पड़ी दिक्कतें
अब क्याव के लिए बस सेवा चलने से फांचा और जघोरी पंचायत के ग्रामीणों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं। मंगलवार को परिवहन निगम ने रामपुर से फांचा के लिए बस सेवा भेजी, लेकिन इस बस में बैठी करीब 20 सवारियों को गानवी में उतार दिया गया। गंतव्य से पूर्व बीच रास्ते में बस से उतरने के बाद यात्री काफी मायूस दिखे। उन्हें अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ा। निगम प्रबंधन ने इस बस को कूट, क्याव पंचायत की ओर भेज दिया, जिससे दो पंचायतों के ग्रामीण दिक्कतें झेलते रहे।
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6 पंचायतों के ग्रामीण हो रहे अव्यवस्था का शिकार
क्षेत्र की छह पंचायतों में करीब 8-10 हजार की आबादी है, जो आए दिन परिवहन सेवाओं से जूझ रही है। दुर्गम क्षेत्र के यात्रियों को कब मिलेगी राहत इसको लेकर ग्रामीण खासे चिंतित हैं। खस्ताहाल सड़कें और इन सड़कों पर हांफती निगम की बसें ग्रामीणों को बहुत दर्द दे रही हैं। ग्रामीण इलाकों के अधिकतर लोग यातायात के लिए परिवहन निगम की बसों पर ही निर्भर हैं, लेकिन बसों की कमी से जूझ रहा निगम प्रबंधन ग्रामीणों की समस्याएं दूर करने में बेबस नजर आ रहा है। सरकार भी ग्रामीणों की दशकों से चली आ रही समस्या का हल करने में नाकाम साबित हो रही है।
आधे रास्ते में उतारीं सवारियों ने कहा
गानवी में उतारे गए यात्री सुरेंद्र, मोहन नेगी, ज्योति प्रकाश, अशोक सुनेल सहित अन्य ने कहा कि निगम की बस सेवाएं ग्रामीणों के लिए परेशानियों का सबब बनी हुई है। लंबे समय से निगम प्रबंधन से बेहतर स्थिति वाली बसें भेजने की मांग की जाती है, लेकिन निगम प्रबंधन से केवल कोरे आश्वासन ही मिल रहे हैं। प्रदेश सरकार को रामपुर डिपो के लिए नई बसें उपलब्ध करवानी चाहिए, ताकि ग्रामीण इलाकों के लोगों की परेशानियां न बढ़े।
परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक से मुलाकात कर बस सेवा से जुड़ी समस्या दूर करने की मांग की गई है। उन्होंने बस सेवाओं में सुधार का आश्वासन दिया है। - सुषमा, प्रधान, कूट पंचायत
मंगलवार को फांचा, जघोरी जाने वाल बस में बैठी सवारियों को उतारा गानवी में। स्रोत : जागरूक पाठक
मंगलवार को फांचा, जघोरी जाने वाल बस में बैठी सवारियों को उतारा गानवी में। स्रोत : जागरूक पाठक
मंगलवार को फांचा, जघोरी जाने वाल बस में बैठी सवारियों को उतारा गानवी में। स्रोत : जागरूक पाठक