बस सेवा न चलने से ग्रामीण और स्कूली बच्चे झेल रहे परेशानियां
छोटे वाहनों में सफर करने को ग्रामीण मजबूर
लोक निर्माण विभाग नहीं ले रहा सड़क की सुध
संवाद न्यूज एजेंसी
निरमंड (कुल्लू)। उपमंडल निरमंड के दुर्गम क्षेत्र ठारला के ग्रामीण डेढ़ माह से बस न चलने के कारण परेशानियां झेल रहे हैं। रोजाना सैकड़ों ग्रामीण और स्कूली बच्चे आवाजाही के लिए छोटे वाहनों पर निर्भर हैं। बागीपुल-ठारला सड़क की हालत बदतर है। इस कारण निगम प्रबंधन जाओं गांव से आगे बस सेवा नहीं चला रहा है।
ग्रामीणों में लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर खासा रोष है। उन्होंने चेताया है कि यदि जल्द सड़क दुरुस्त नहीं की गई और बस सेवा बहाल नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। बागीपुल से ठारला-सगोफा सड़क पर गड्ढों की भरमार है। बागीपुल से सगोफा तक सड़क खस्ताहाल है। जगह-जगह मलबे के ढेर से हादसों का खतरा है। बीती बरसात के बाद से सड़क की मरम्मत के लिए विभाग ने एक बार भी मशीन नहीं भेजी है।
बीते डेढ़ माह से निगम की बस सेवा बागीपुल से करीब छह किलोमीटर आगे जाओं तक ही चल रही है। जाओं से आगे बस सेवा पूरी तरह ठप पड़ी है। ठारला से डेढ़ किलोमीटर पहले कलोंट कैंची के पास सड़क के किनारे पड़े पत्थरों के कारण मार्ग संकरा हो गया है।
ग्रामीण सुरजीत ठाकुर, गोविंद, राज कुमार, मदन, गोपाल, हीरा सिंह, रोहित और अशोक ने कहा कि खस्ताहाल सड़क के चलते लंबे समय से बस सेवा बाधित है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग पर आरोप लगाया कि विभाग के अधिशासी और कनिष्ठ अभियंता को बार-बार शिकायत करने के बावजूद सड़क की हालत में सुधार नहीं हुआ। समस्या के बारे में विभाग को लिखित रूप से भी अवगत कराया गया है, लेकिन विभाग सड़क बहाली में उदासीन बना हुआ है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द सड़क की स्थिति नहीं सुधारी गई तो युवाओं के साथ मिलकर विभाग का घेराव किया जाएगा।
जल्द ही सड़क को बसों की आवाजाही के लिए बहाल कर दिया जाएगा, ताकि लोगों को परेशानियों का सामना न करना पड़े।
-राकेश नेगी, सहायक अभियंता, लोक निर्माण विभाग निरमंड