हांगो, चूलिंग, नेसंग, कुन्नोचारंग और यांगपा पंचायतों के लोग परेशान
भारी भरकम किराया देकर छोटे वाहनों में सफर कर रहे हजारों ग्रामीण
संवाद न्यूज एजेंसी
सांगला (किन्नौर)। बर्फबारी प्रभावित जनजातीय जिला किन्नौर में कई माह तक लोगों की दुश्वारियां बनी रहती हैं। जिले के दुर्गम क्षेत्र पूह खंड की चार और कल्पा खंड की एक पंचायत के लिए बीते चार माह से बस सेवाएं ठप पड़ी हैं। ऐसे में हजारों ग्रामीणों को आवाजाही करने में परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। ग्रामीण स्वास्थ्य सुविधाओं और जिला मुख्यालय पहुंचने के लिए छोटे वाहनों का भारी भरकम किराया देने को मजबूर हैं।
गौर हो कि इस वर्ष हुई भारी बर्फबारी के कई माह बाद भी किन्नौर जिले के दुर्गम क्षेत्रों में यातायात सेवाएं बहाल नहीं हो पाई हैं। हालांकि सड़कों को छोटे वाहनों के लिए तो खोल दिया गया है, लेकिन करीब आधा दर्जन पंचायतों में निगम की बस सेवाएं अब तक बहाल नहीं हो पाई हैं। बीते दिसंबर से जिले के पूह खंड की हांगो, चूलिंग, नेसंग, कुन्नोचारंग और कल्पा खंड की यांगपा पंचायत के लिए बस सेवाएं ठप पड़ी हैं। उक्त पंचायतों को जोड़ने वाली सड़कें अभी भी निगम की बसों की आवाजाही के लिए बहाल नहीं हो पाई हैं। ऐसे में हजारों ग्रामीण छोटे वाहनों में सफर करने को मजबूर हैं।
प्रधान हांगो सूरजमणि नेगी, उपप्रधान चुलिंग गुरुदित्ता नेगी, प्रधान कुन्नोचारंग निर्मला देवी नेगी, प्रधान नेसंग चंद्रभक्ति नेगी, उपप्रधान यांगपा यशपाल नेगी, सुभाष छोरज्ञा नेगी, मदन नेगी ने कहा कि बीते दिसंबर से क्षेत्र में बस सेवाएं ठप पड़ी हैं। बस सेवाएं बहाल न होने से ग्रामीण छोटे वाहनों में अधिक किराया देकर सफर कर रहे हैं। उन्होंने जिला प्रशासन और परिवहन निगम प्रबंधन से जल्द ग्रामीण रूटों पर बस सेवाएं बहाल करने की मांग की है।
उधर, परिवहन निगम रिकांगपिओ के आरएम पियुष शर्मा ने बताया कि जिले में मौसम खराब होने के कारण बसों को उक्त रूटों पर नहीं भेजा गया। आने वाले दिनों में स्थिति का जायजा लेने के बाद ही बस सेवाओं को सुचारु रूप से चलाया जाएगा।