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Rampur Bushahar News: गानवी खड्ड में बाढ़ से बेली ब्रिज क्षतिग्रस्त, बस अड्डा बना तालाब, दुकानों में घुसा पानी

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त्रासदी : तीन पंचायतों का उपमंडल से कटा संपर्क, बचने के लिए ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भागे लोग
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संवाद न्यूज एजेंसी

ज्यूरी (रामपुर बुशहर)/ पूह (किन्नाैर)। रामपुर में नंती, निरमंड में श्रीखंड के भीम डवारी और किन्नाैर जिले के पूह के हाजो नाले में तीन जगह बुधवार को बादल फटे। श्रीखंड की पहाड़ी में बादल फटने से रामपुर के पंद्रह /बीस क्षेत्र के गानवी में बाढ़ से भारी तबाही हुई है। रामपुर उपमंडल के गानवी पंचायत में क्याव और कूट पंचायत को जोड़ने वाला बेली ब्रिज बाढ़ की चपेट में आने से क्षतिग्रस्त हो
गया है। बाढ़ के साथ आए मलबे और पत्थर के डक लगने से बाढ़ का पानी गानवी बाजार के बस अड्डे की ओर मुड़ गया। इस कारण बस अड्डे में पानी भर गया और दुकानों में भी घुस गया। तीन छोटी दुकानें बाढ़ में बह गई हैं। 6 शेड पानी में डूब गए हैं और एक घर को खतरा है। कई घरों में गाद भर गई है। पुलिस चौकी भी खतरे के दायरे में आ गई है। एचपीएसईबीएल की गानवी जल विद्युत परियोजना का मोटर योग्य पुल ढह गया।
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तीन पंचायतों गानवी, कूट और किआओ का संपर्क उपमंडल से कट गया है। इससे गानवी, किआओ, कूट, किंफी, कुटरू, सुरु रूपनी, खनिधार, खेऊंचा और गानवी, किआओ और कूट गांवों के ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। फांचा गानवी पंचायत के पूर्व प्रधान सत्य प्रकाश ने बताया कि गानवी खड्ड में बाढ़ आने की सूचना मिलते ही सभी लोग जो खड्ड के किनारे रहते हैं, वे सभी ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भाग गए हैं और सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि करोड़ों की लागत से तैयार गानवी में बन रहे उठाऊ पेयजल योजना का पंप हाउस बह गया है। गानवी खड्ड में आई बाढ़ से गानवी गांव के जिन घरों को खतरा पैदा हो गया है, इन घरों के परिवारों को विश्रामगृह गृह में ठहराया गया है। कई लोग उंचाई वाले क्षेत्रों में फंसे हुए हैं। हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड के रेजिडेंट अभियंता आशुतोश ठाकुर ने बताया कि पांच बजे बाढ़ आने की सूचना मिलते ही दोनों परियोजना गानवी स्टेज वन और गानवी स्टेज टू को बंद कर दिया है। अभी कितना नुकसान हुआ है, इसका आंकलन करना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि वीरवार को नुकसान का आकलन किया जाएगा। इस घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन की ओर से एसडीएम रामपुर हर्ष अमरेंद्र सिंह मौके पर पहुचे हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन की टीम और पुलिस मौके पर पहुंच गई है। उन्होंने कहा राजस्व विभाग नुकसान का आंकलन करने में जुटी है। वहीं, रामपुर में भी प्रशासन ने नदी के साथ सटे क्षेत्रों के लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
रामपुर और निरमंड प्रशासन ने लोगों को नदी-नाले के पास न जाने के निर्देश दिए और सतर्क रहने की अपील की है। बादल फटने से कुर्पण खड्ड में अचानक जलस्तर बढ़ गया है। फिलहाल, किसी तरह के जानी नुकसान की सूचना नहीं है, लेकिन प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। रामपुर उपमंडल के अंतर्गत नंती खड्ड और गानवीं खड्ड में भी जलस्तर बढ़ गया है। नदी-नाले उफान पर हैं। सूचना के अनुसार, ग्रीनको कंपनी के इनटेक को भी नुकसान हुआ है। एसडीएम रामपुर हर्ष अमरेंद्र सिंह ने निचले क्षेत्र के लोगों को सतर्क रहने और नदी किनारे न जाने की अपील की है।
एसडीएम निरमंड मनमोहन सिंह ने बताया कि अंदेशा है कि श्रीखंड महादेव यात्रा मार्ग पर भीम डवारी के आसपास, जहां पिछले वर्ष बादल फटने की घटना हुई थी, वहीं से इस बार भी पानी का बहाव बढ़ा है। इस बार जलस्तर पिछले साल की तुलना में काफी कम है, इसलिए अब तक किसी नुकसान की खबर नहीं मिली है।

रामपुर और निरमंड प्रशासन ने लोगों को नदी-नाले के पास न जाने के निर्देश दिए और सतर्क रहने की अपील की है। बादल फटने से कुर्पण खड्ड में अचानक जलस्तर बढ़ गया है। फिलहाल, किसी तरह के जानी नुकसान की सूचना नहीं है, लेकिन प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।
रामपुर उपमंडल के अंतर्गत नंती खड्ड और गानवीं खड्ड में भी जलस्तर बढ़ गया है। नदी-नाले उफान पर हैं। सूचना के अनुसार, ग्रीनको कंपनी के इनटेक को भी नुकसान हुआ है।

एसडीएम रामपुर हर्ष अमरेंद्र सिंह ने निचले क्षेत्र के लोगों को सतर्क रहने और नदी किनारे न जाने की अपील की है।

एसडीएम निरमंड मनमोहन सिंह ने बताया कि अंदेशा है कि श्रीखंड महादेव यात्रा मार्ग पर भीम डवारी के आसपास, जहां पिछले वर्ष बादल फटने की घटना हुई थी, वहीं से इस बार भी पानी का बहाव बढ़ा है। इस बार जलस्तर पिछले साल की तुलना में काफी कम है, इसलिए अब तक किसी नुकसान की खबर नहीं मिली है।




2024 में हुई थी भारी तबाही...वो भयावह रात जिसने बदल दी थी बागीपुल-समेज की तस्वीर

राकेश बिनी शर्मा

निरमंड ( कुल्लू ) । श्रीखंड महादेव के रास्ते में बुधवार शाम को बादल फटने की घटना ने साल 2024 की भारी त्रासदी के जख्म हरे कर दिए। ...वो भयावह रात, जिसने बागीपुल और समेज गांव की तस्वीर बदल दी थी।

31 जुलाई, 2024 की आधी रात, श्रीखंड महादेव के नीचे नैन सरोवर और भीम डवारी क्षेत्र में बादल फटने से विनाशकारी बाढ़ आई थी। कुल्लू और शिमला जिलों के सीमावर्ती क्षेत्रों में तबाही का ऐसा मंजर था, जिसे याद कर आज भी लोग सिहर उठते हैं। समेज गांव मानो नक्शे से मिट गया और बागीपुल में 9 लोग बह गए, जिनमें सिर्फ 3 के शव बरामद हो पाए। शेष 6 लोग आज भी लापता हैं।

आज भी कुर्पण खड्ड के किनारे और बागीपुल की सड़क पर टूटे मकानों, बह चुकीं दुकानों और जर्जर अवशेषों के रूप में उस त्रासदी की गवाही मौजूद है। जिन घरों में कभी चूल्हा जलता था, वहां अब केवल मलबा और वीरानी है। तीन पुल बह जाने के कारण अभी तक स्थायी पुल का निर्माण नहीं हो पाया है और वाहनों की आवाजाही बेली ब्रिज के सहारे हो रही है।
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शुक्र है कि इस बार 13 अगस्त 2025 को यह घटना दिनदहाड़े हुई और ऊपरी क्षेत्रों से निचले इलाकों के लोगों को समय रहते चेतावनी दे दी गई, जिससे जानमाल का बड़ा नुकसान टल गया, लेकिन 2024 की उस काली रात की यादें अभी भी इन गांवों के लोगों के दिलों में जिंदा हैं—एक ऐसी याद जो हर बादल और हर तेज बारिश के साथ फिर से जीवंत हो उठती है। संवाद
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