रोहड़ू। सब्जी मंडी रोहड़ू में छोटे और बड़े आकार के सेब की पेटियां अलग-अलग दर में बिकने से बागवान उखड़ने लगे हैं। छोटे आकार के सेब पर 30 प्रतिशत कटौती करने खरीदा जाने लगा है। बागवानों से प्रति पेटी 20 रुपये तक की अवैध वसूली भी शुरू हो गई है। बागवानों में खासी नाराजगी है कि मंडी में एपीएमसी एक्ट 2005 का खुला उल्लंघन किया जा रहा है। आढ़तियों की इस मनमानी के खिलाफ किसान सभा ने आंदोलन का निर्णय लिया है। इस संदर्भ में किसान सभा और किसान संघर्ष समिति की ओर से एसडीएम रोहड़ू को ज्ञापन सौंपा गया है।
किसान सभा और किसान संघर्ष समिति ने तीन अगस्त को रोहड़ू में बागवानों के हितों के लिए धरना-प्रदर्शन करने का फैसला लिया है। किसान सभा के क्षेत्रीय सचिव सुखदेव चौहान, सभा की रोहड़ू इकाई के प्रधान बिहारी लाल चौहान, उपाध्यक्ष रामेश्वर चौहान, संयुक्त सचिव राजू नेगी, सुरेश नेगी, प्रीतम सिंह, बिशन लाल, प्रेम चंद, पप्पू और कुलदीप तेगटा के अनुसार रोहड़ू मंडी में आढ़तियों की मनमानी चल रही है। एपीएमसी एक्ट के नियमों का उल्लंघन हो रहा है। प्रदेश के अंदर एक मात्र सब्जी मंडी रोहड़ू है, जहां छोटे सेब के दामों में दर लगाकर प्रति पेटी 30 प्रतिशत की कटौती की जा रही है। जबकि आढ़तियों को मालूम है कि इस बार बागीचों में 80 प्रतिशत छोटे आकार का सेब है। एपीएमसी एक्ट के तहत आढ़ती लेबर चार्ज के रुप में पांच रुपये प्रति पेटी तक ही बागवान से वसूल सकते हैं लेकिन आढ़ती बीस रुपये प्रति पेटी वसूल रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि एपीएमसी के अधिकारी औपचारिकता पूरी करने के लिए अपनी नौकरी कर रहे हैं। नियमों का पालन करने के लिए कोई भी उपयोगी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। बागवानों को समय पर पेमेंट नहीं दी जा रही है। अभी भी बागवानों को सेब बेचने के पंद्रह-पंद्रह दिन बाद के चैक दिए जा रहे हैं। नियमानुसार सेब के बेचने के तुरंत बाद पेमेंट का भुगतान किया जाना चाहिए। वहीं इस संबंध में रोहड़ू सब्जी मंडी में तैनात सुपरवाइजर मंजुबाला के अनुसार इस मामले में अभी उनके पास कोई भी शिकायत नहीं पहुंची है।