रिकांगपिओ (किन्नौर)। जनजातीय जिला किन्नौर में पिछले दिनों हुए बर्फबारी और बारिश से किन्नौर के सेब बागवानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। रक्षम और छितकुल में कई बागवानों के बगीचे बर्फबारी से तबाह हो गए हैं। तीस से चालीस साल के पौधे जड़ से उखड़ने से बागवानों को लाखों का नुकसान झेलना पड़ा है तो वहीं सालों की मेहनत पर भी पानी फिर गया है।
उपायुक्त आबिद हुसैन सादिक ने बागवानी विभाग और राजस्व विभाग को निर्देश दिए हैं कि किन्नौर के गांव-गांव जाकर सेब फसल को हुए नुकसान का जायजा लिया जाए। साथ ही उन्होंने इस संबंध में पूरी रिपोर्ट दो से तीन दिनों में एकत्रित करके मुहैया करवाने के निर्देश दिए हैं। ताकि बागवानों को हुए नुकसान का उचित मुआवजा मिल सके।
ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अधिक बर्फबारी से पहुंचा नुकसान
कल्पा ब्लॉक के ऊपरी क्षेत्र में अधिक बर्फबारी होने से 30 से लेकर 40 साल के सेब के पौधे उखड़ गए हैं। छितकुल के प्रधान सुभाष चंद्र नेगी ने बताया कि छितकुल में ज्यादा बर्फबारी से मस्तरंग बगीचे में बलदेव सिंह नेगी, मोहिंद्र सिंह नेगी, मुकेश कुमार नेगी, चुन्नीलाल नेगी, मदनलाल नेगी, सुरेंद्र सिंह, राजगोपाल नेगी, नहर लाल नेगी और राम कुमार के सेब के पौधे नष्ट हो गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि छितकुल के बागवान मौसम की मार से 25 से 30 साल पीछे चला गए हैं। भारी बर्फबारी से सेब के पौधे जड़ से उखड़ गए हैं। सरकार को चाहिए कि नुकसान का सेब के पौधे के हिसाब से मुआवजा दिया जाए न की बीघा के हिसाब से। छितकुल के मस्तरंग में कुछ सालों से सेब की फसल होने जा रही थी। मगर इस बर्फबारी से अधिकतर बगीचे को तहसनहस हो गए है। इस कारण ग्रामीण फिर 25 से 30 साल पीछे चला गए हैं। इससे बागवानों की कमर टूट गई है।
रक्षम में 70 बागवानों के 2500 पौधे हुए नष्ट
रक्षम पंचायत के प्रधान सुशील कुमार और उपप्रधान खजान सिंह ने बताया है कि पिछले साल रक्षम गाँव से 35 हजार सेब की पेटी बाजार में बिका था। मगर इस वर्ष भारी बर्फबारी के चलते अभी तक एक भी सेब की पेटी मंडी तक नहीं पहुंची है। रक्षम गांव में करीब 70 बागवानों के 2500 सेब के पौधे नष्ट हुए है। उन्होंने सरकार से मांग किया है कि जल्द सेब की फसल के नुकसान का भरपाई की जाए।
बागवानी विभाग किन्नौर के उपनिदेशक सीएम बाली ने बताया कि अभी तक किन्नौर से 16 लाख, 87 हजार 143 सेब की पेटियां बाजार में जा चुकी है। किन्नौर में अभी तक कितना सेब अभी बाजार में जाना है, इसके बारे में जानकारी नहीं है।
एसडीएम कल्पा स्वाति डोगरा ने बताया कि कल्पा ब्लॉक के तहसीलदारों को निर्देश दिए गए हैं कि जल्द ब्लॉक के बागवानों की सेब की फसल के नुकसान की भरपाई के लिए आंकड़े एकत्रित किए जाएं।