गांव कशाह, कुंजली और ठरौली के आधा दर्जन से अधिक सेब बागों में लगी आग
विभिन्न प्रजाति के 20 से 25 हजार के करीब पौधे भी पूरी तरह जल कर हुए नष्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
चौपाल(रोहडू)। उपमंडल चौपाल की ग्राम पंचायत बमटा के गांव कशाह, कुंजली, ठरोली में आग लगने से बागवानों के सेब के बगीचे और दर्जनों घास की टोलियां जलकर राख हो गईं। प्राप्त जानकारी के अनुसार यह आग ग्राम पंचायत झिकनीपुल के गांव जडाना के साथ खेतों में घांस तथा झाड़ियां जलाते समय लगी। आग गांव के साथ ही ऊपर को चीड़ के जंगल में फैल गई। देखते ही देखते आग एक तरफ से ग्राम पंचायत माटल के साथ गांव कफरौना तक पहुंच गई। दूसरी तरफ से ग्राम पंचायत बमटा के गांव कुंजली, ठरोली तथा कशाह गांव तक जा पहुंची। आग से काफी बागवानों के फलदार बगीचे तथा घास की टोलियों जल गईं। इसमें प्यारे लाल पुत्र कमरू राम गांव कुंजली (कशाह) बमटा का सेब बगीचा तथा घास की पांच टोलियां, संजू पुत्र स्व. दौलत राम का सेब बगीचा, नीटू पुत्र स्व. लच्छी राम का सेब का बगीचा तथा दो घांस की टोलियां, गोपाल पुत्र स्व. धनी राम निवासी गांव कुंजली (कशाह) बमटा का सेब बगीचा तथा चार घास की टोली, मोहन लाल पुत्र स्व. शिवलाल की दो टोली घास, दिनेश कुमार पुत्र स्व. किरपा राम गांव भढाल (कशाह) का सेब बगीचा, जगदीश नेगटा पुत्र स्व. दुलाराम निवासी गांव कशाह का सेब बगीचा, महेंद्र सिंह रांटा पुत्र स्व. कली राम निवासी गांव कशाह (बमटा) का सेब बागीचा, संजीव पांटा निवासी गांव कशाह का सेब बगीचा, संजीव चौहान पुत्र स्व. सहीराम गांव थरोली का सेब बागीचा, यशपाल पांटा पुत्र स्व. दलीप सिंह का सेब बगीचा आग की भेंट चढ़ गया है।
इसके अतिरिक्त अन्य ग्रामवासियों का भी आंशिक नुकसान हुआ है। इसका आकलन किया जा रहा है। वन विभाग द्वारा पिछले वर्ष लगाए गए 20 से 25 हजार भिन्न-भिन्न प्रजाति के पौधे भी पूरी तरह जल कर नष्ट हो गए हैं। कशाह गांव तथा आसपास के लोगों ने इस भीषण आग से अपने रिहायशी मकानों तथा गोशालाओं को जलने से बचा लिया है।
तहसीलदार चौपाल रेखा शर्मा ने कहा की संबंधित पटवारी को मौके पर जाकर नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं। राजस्व नियमावली के तहत सभी प्रभावितों को उचित मुआवजा प्रदान किया जाएगा ।