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नारकंडा में किसान संघर्ष समिति ने किया 35 मिनट चक्का जाम

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प्रदेश सरकार और एपीएमसी के खिलाफ नारेबाजी करते किसान संघर्ष समिति और क्षेत्र के बागवान - फोटो : RAMPUR-HP
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कुमारसैन (रामपुर बुशहर)। बागवानों की समस्याओं को लेकर नारकंडा में सोमवार किसान संघर्ष समिति और नारकंडा क्षेत्र के सेब उत्पादकों ने जमकर हल्ला बोला। गुस्साए बागवानों और किसानों ने प्रदेश सरकार-एपीएमसी के खिलाफ लगभग 35 मिनट तक एनएच-54 पर सांकेतिक चक्का जाम किया। इस धरना प्रदर्शन में ठियोग कुमारसैन विधानसभा क्षेत्र के विधायक राकेश सिंघा विशेष रूप से मौजूद रहे।
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बागवानों का आरोप है कि नारकंडा में सबसे ज्यादा मंडी फीस जमा की जाती है, लेकिन बागवानों को कोई सुविधा नहीं मिल पा रही है। हिमाचल में फल मंडियों में सोलन और ढली के बाद नारकंडा में सबसे ज्यादा मंडी फीस जमा करने के बावजूद प्रदेश सरकार किसान-बागवानों को सुविधाएं देने में नाकाम साबित हुई है। 2018 में नारकंडा से सबसे ज्यादा मार्केटिंग फीस जमा हुई है। नारकंडा और इसके आसपास सेब की दूसरी मंडियों में भी बागवानों को उनके उत्पाद का पैसा समय पर नहीं दिया जा रहा है। बहुत से आढ़ती किसानों और बागवानों का पैसा हड़प कर फरार हो चुके हैं। किसानों ने इसके विरुद्ध केस तक दर्ज करवाए हैं।
प्रदर्शन कर रहे बागवानों और किसानों के अनुसार नारकंडा के भीतर कुछ आढ़ती गैरकानूनी तरीके से कारोबार कर रहे हैं जिस पर किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं कर रही है। प्रति पेटी अनलोडिंग के नाम पर 20.50 रुपये कम किए जा रहे हैं जबकि अधिनियम के मुताबिक ये 5 रुपये से अधिक नहीं वसूल जा सकता। नारकंडा और शिलारू के मध्य कुछ मंडियों की शिकायत ग्रामीणों द्वारा किए जाने के बाद उन पर कार्रवाई नहीं की जा रही है। यह यहां गंदगी के कारण पानी के स्रोत खराब हो रहे हैं।
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किसान संघर्ष समिति ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि आने वाले दिनों में इस आंदोलन को तेज किया जाएगा। जिसके लिए बागवानों और किसानों से मिलकर रणनीति तैयार की जा रही है। इस मौके पर कुलदीप तंवर, रीना ठाकुर, देवकी नंद, ओमप्रकाश भारती, दयाल सिंह, जगदीश, प्रेम चौहान, दिनेश मेहता, सत्यवान पुंडीर, सुमित्रा, शीला, अंजू भारती, इंद्रा, सविता, आशा, हेमराज, सुरेश, सहित कई बागवान मौजूद रहे।
नारकंडा में किसान संघर्ष समिति और आसपास क्षेत्र के बागवानों की ओर से लगभग 35 मिनट तक एनएच-54 पर चक्का जाम किया गया। जिसके कारण शिमला और रामपुर-किन्नौर की ओर जाने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। करीब 12:35 से 1: 05 बजे तक किसान संघर्ष समिति और बागवानों ने पूरी तरह से चक्का जाम किया। बाद में पुलिस ने मौके पर पहुंच कर यातायात को बहाल करवाया।
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