जिले में विभाग ने लिए है कई जगहों के सैंपल, अब रिपोर्ट का इंतजार
बीबीएन, परवाणू व सुबाथू में करीब 400 सुअर है पालतू
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। प्रदेश के जिला कांगड़ा में अफ्रीकी स्वाइन फीवर के मामले सामने आने के बाद पशुपालन विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। कांगड़ा में पालतू सुअरों की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद अब प्रदेश के अन्य हिस्सों, विशेषकर औद्योगिक क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है। सोलन जिले में विभाग की नजर बीबीएन, परवाणू और सुबाथू क्षेत्रों पर है। आंकड़ों के अनुसार इन क्षेत्रों में लगभग 400 पालतू सुअर हैं। संक्रमण के खतरे को देखते हुए विभाग ने सुरक्षात्मक कदम उठाना शुरू कर दिया है। प्रभावित और संदिग्ध क्षेत्रों से सुअरों के सैंपल जांच के लिए भेज दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद ही संक्रमण की स्थिति स्पष्ट होगी और आगामी रणनीति तैयार की जाएगी।
अफ्रीकी स्वाइन फीवर घातक बीमारी
अफ्रीकी स्वाइन फीवर एक अत्यंत घातक और संक्रामक वायरस जनित बीमारी है। यह एक बार झुंड में फैलने पर पूरे झुंड को नष्ट कर सकती है। हालांकि, यह मनुष्यों के लिए खतरा नहीं है, लेकिन सुअर पालन उद्योग के लिए यह बेहद नुकसानदेह है। फिलहाल इसके लिए कोई वैक्सीन नहीं है और कोई प्रभावी इलाज उपलब्ध नहीं। इसलिए सतर्कता और समय पर उठाए गए कदम ही संक्रमण से बचाव सुनिश्चित कर सकते हैं।
सुअर पालकों के लिए जारी की एडवाइजरी
शिक्षा उपनिदेशक पशुपालन विभाग जिला सोलन विवेक लांबा ने कहा कि सुअर पालक अपने बाड़ों में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें और बाहरी व्यक्तियों का प्रवेश वर्जित करें। यदि किसी सुअर में तेज बुखार या असामान्य लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत नजदीकी पशु चिकित्सा केंद्र को सूचित करें। विभाग अफ्रीकी स्वाइन फीवर को लेकर अलर्ट पर है।