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Rampur Bushahar News: आपदा के पुराने जख्मों पर नहीं मरहम, अब आने वाली बरसात का गम

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बीते वर्ष कस्बे में भू-स्खलन क्षेत्र को एक साल बाद भी नहीं किया सुरक्षित
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अनसेफ जगह पर डंप किया गया मलबा बड़े हादसे को दे सकता है न्योता

हरिकृष्ण शर्मा।

आनी(कुल्लू)। आनी कस्बे में बीते वर्ष भारी बरसात के बाद आठ मकान जमींदोज हो गए थे। उसके बाद कई मकान असुरक्षित घोषित किए गए थे। भारी भू-स्खलन होने से से ऊंचाई पर स्थित अन्य मकान और लोगों की निजी जमीनें भी खतरे की जद में आ गईं, लेकिन आपदा के एक वर्ष बीत जाने के बाद भी यह क्षेत्र अभी तक पूरी तरह से असुरक्षित है। जहां बीते वर्ष की आपदा में उजड़े लोग अपने भवन नहीं बना पा रहे हैं, वहीं कई लोग ऐसे भी हैं, जिनकी जमीनें बहने से जमीनों की निशानदेही करना भी किसी चुनौती से कम नहीं। आपदा के एक साल बाद भी यहां लोग अपनी जमीनें तलाश रहे हैं, वहीं भूस्खलन जगह की पिछली साइड को अभी तक सुरक्षित नहीं किया जा सका है। इस वजह पूरा क्षेत्र खतरे की जद में है। बरसात का समय आने वाला है। ऐसे में भू-स्खलन केे ऊपरी क्षेत्र के लोगों को चिंता सता रही है कि कहीं अब वे फिर न उजड़ जाएं। क्योंकि क्षेत्र अभी भी पूरी तरह से असुरक्षित है।
जानकारी के अनुसार, जिला प्रशासन ने भूस्खलन से सड़क पर गिरे मलबे को हटाने और सुनियोजित ढंग से ठिकाने लगाने के लिए 40 लाख रुपये का बजट जारी किया था। इसका कार्य लोक निर्माण विभाग को दिया था। विभाग ने इसके टेंडर लगाकर ठेकेदार को दिए। ठेकेदार ने मलबे को ठिकाने लगाया। जिस कारण महीनों तक एनएच -305 भी अवरुद्ध रहा और वैकल्पिक सड़क से आवाजाही होती रही, लेकिन जमींदोज हुए मलबे का अधिकतर डंप आनी नदी के किनारे किया गया है। जो आनी के कस्बे के रहने वालों के लिए खतरा बना हुआ है। नदी किनारे मलबे के ढेर से नदी किनारे रहने वाले लोग खौफजदा हैं। एक ओर जहां नदी किनारे डंप किए मलबे की वजह से आनी के किरण बाजार से आगे रहने वाले सभी लोगों को खतरा बन चुका है। ऐसे में दोनो ओर से आनी कस्बा असुरक्षित है। बरसात से पूर्व कोई ठोस समाधान नहीं किया गया तो खतरा बढ़ सकता है।
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मलबा डंप करने के स्थान का किया चयन
मलबे को हटाने के लिए लोक निर्माण विभाग को 40 लाख बजट दिया था। करीब 32 लाख के टेंडर लगाकर खर्च किए गए हैं, जबकि बाकी बचे पैसों को वापस भेजा जाएगा। ठेकेदार को मलबा डंप करने का स्थान सब्जी मंडी चयन किया गया था। उनकी ओर से लगाए गए टेंडर का मलबा उसी स्थान पर डाला गया, जबकि बाकी के डंपिंग कार्य को लोगों ने अपनी मर्जी से किया है। - संजय शर्मा, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग निरमंड
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जल्द मलबा हटाया जाएगा
- मलबे को ठिकाने लगाने के लिए एक कमेटी बनाई गई थी, लेकिन फिर भी मलबा नदी किनारे डंप करने वालों को फाइन लगाया गया है। जल्द ही मलबा हटा दिया जाएगा। - डॉ चमन राव, डीएफओ आनी
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