बोले-परियोजना निर्माण के लिए न होने देंगे कटान, न बनने देंगे सड़क
पंचायत की ओर से दी गई एनओसी की ग्रामीणों को भनक तक नहीं
मौके पर पहुंचे कानूनगो और पटवारी के साथ प्रभावितों ने कई मुद्दों पर की चर्चा
संवाद न्यूज एजेंसी
निरमंड (कुल्लू)। कुर्पण वैली जलविद्युत परियोजना के खिलाफ ग्रामीण लामबंद हो गए हैं। ग्रामीणों ने दो टूक कहा कि परियोजना निर्माण के लिए न वनों का कटान होने देंगे और न ही सड़क का निर्माण कार्य होने देंगे। शनिवार को मामले को सुलझाने के लिए क्षेत्रीय कानूनगो सतीश और पटवारी बुद्धि सिंह मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने कहा कि कुर्पण वैली हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट के लिए बागा सराहन पंचायत की ओर से एनओसी दी गई है, उसकी ग्रामीणों को कोई जानकारी तक नहीं है। ग्रामीणों ने मांग उठाई है कि सरकार और प्रशासन जल्द एनओसी को सार्वजनिक करे। कहा कि एनओसी अनधिकृत रूप से ली गई है।
कुर्पण वैली हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट को एफआरए के तहत 0.7449 हेक्टेयर वन भूमि की अनुमति है। परियोजना के तहत किसी प्रकार की सड़क का निर्माण नहीं किया जाएगा। प्रशासन बताए कि सड़क का कार्य चनाईगाड़ जंगल होकर चनाई तक किस एफआरए और एफसीए के तहत हो रहा है। यह भी बताया जाए कि परियोजना और प्रशासन की ओर से स्थानीय लोगों से किन नियमों और शर्तों के साथ सहमति हुई है। चनाई के साथ लगते गांव में कूहल के माध्यम से सिंचाई की जाती है, उन लोगों को कितना प्रतिशत पानी प्रोजेक्ट की ओर से दिया जाएगा। उस समय कितने स्थानीय लोगों की सहमति ली जाएगी, इसकी विस्तृत सूची प्रदान करें। परियोजना प्रभावितों को क्या लाभ हैं, इसके बारे में भी जानकारी दें। जंगल का अवैध कटान नहीं होगा। यह जंगल पुश्तैनी है और नदी-नालों का पानी भी नहीं देंगे। इस पानी के माध्यम से घराट चलाए जाते है। प्रभावितों ने चेताया है कि परियोजना का निर्माण कार्य किसी भी हालत में नहीं होने देंगे।