ठियोग/कुमारसैन/ब्रौ/भावानगर/ननखड़ी(रामपुर बुशहर)। उपमंडल ठियोग के लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह से किसानों-बागवानों और आमजन की समस्याओं को लेकर माकपा नेता एवं विधायक राकेश सिंघा एक बार फिर सड़क पर उतर गए। राकेश सिंघा की अगुवाई में दर्जनों कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों ने विश्राम गृह से लेकर एसडीएम दफ्तर तक रैली निकाली। इस दौरान उन्होंने तहसीलदार के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेज कर मांगों को उठाया।
ज्ञापन में आयकर सीमा से नीचे यापन करने वाले लोगों अगले तीन माह तक 7500 रुपये की राशि देने, छह माह तक प्रति व्यक्ति को 10 किलो खाद्य सामग्री देने, मनरेगा में 200 दिन के रोजगार का प्रावधान करने, किसानों के तीन लाख रुपये के केसीसी ऋण को माफ करने की मांग की गई। सिंघा ने कहा कि यह कोई भीड़ नहीं है। जनता की ओर से चुने गए प्रतिनिधियों के अलावा पार्टी के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर आंदोलन कर अपनी मांगों को उठाया गया है, जिसमें हर तरह के प्रोटोकाल का ध्यान रखा गया है। इस मौके पर किसान नेता संदीप वर्मा, कपिल भारद्वाज, बालकृष्ण बाली, महेंद्र वर्मा, पूर्व जिप सदस्य सोहल ठाकुर सहित अन्य मौजूद रहे। वहीं, मंगलवार को बीडीओ नारकंडा के माध्यम से किसान सभा ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा। किसान सभा नारकंडा ने स्कूलों में छह माह की फीस माफ करने, सेब सीजन के लिए नेपाली मजदूरों को लाने, सेब समर्थन मूल्य 20 रुपये प्रति किलो करने की मांग सहित सेब कार्टन और ट्रे की बढ़ी कीमतों को घटाने और सरकार की ओर से खरीदे गए सेब की नकद और पूर्ण अदायगी करने की मांग की। इस मौके पर सभा के सचिव राकेश वर्मा, इशित भैक, विजय राजटा, इंद्र, हरदीप, प्रदीप, रितेश सैन सहित अन्य मौजूद रहे। वहीं, किसान संघर्ष समिति ने देश व्यापी आंदोलन के तहत केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों में बदलाव लाने की मांग को लेकर राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा है। समिति ने एसडीएम भावानगर के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर उनकी मांगों को पूरा करने का मुद्दा उठाया। इस मौके पर किन्नौर किसान संघर्ष समिति अध्यक्ष कृष्ण प्रकाश नेगी, सीटू यूनियन अध्यक्ष जीवन नेगी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुखी राम नेगी सहित अन्य मौजूद रहे। निरमंड में भी सीपीएम कार्यकर्ताओं ने अपनी कई मांगों को उठाया। इस मौके पर सीपीएम लोकल कमेटी सचिव देवकी नंद, पूर्ण ठाकुर, जगदीश सिंह, फूल देवी, राजकुमारी, भीम सैन, दुर्गा सिंह, मोती राम, पिंगला, ममता, शिक्षा देवी, श्याम लाल, राम कृष्ण, निरत सिंह, कीरत राम सहित अन्य शामिल रहे।