. सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण नेशनल हाईवे हर वर्ष बरसात में रहता है बाधित
विज्ञापन
. एनएचएआई की वार्षिक योजना में शामिल हुआ थ्री लेन पुल . पुल निर्माण से करीब 700 मीटर घटेगी नेशनल हाईवे की दूरी . किन्नौर, काजा और शिमला जिले के हजारों लोगों, किसान बागवान और पर्यटकों को मिलेगी राहत संवाद न्यूज एजेंसी रामपुर बुशहर। सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण भारत को तिब्बत की सीमा को जोड़ने वाले नेशनल हाईवे-पांच की ब्रौनी खड्ड पर 305 मीटर लंबा पुल बनाया जाएगा। एनएच पर कई वर्षों से बरसात के दौरान ब्रौनी खड्ड के कारण दिक्कतें बढ़ जाती हैं। यहां हर वर्ष बरसात के दौरान यातायात व्यवस्था ठप पड़ जाती है। ब्रौनी खड्ड के पास भूस्खलन से जमीन धंसने की समस्या रहती है। इस लिहाज से ब्रौनी खड्ड के पास एनएच को भू-वैज्ञानिक रूप से भी असुरक्षित घोषित किया गया है। वर्षों से चली आ रही इस समस्या का अब जल्द समाधान होगा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने ब्रौनी खड्ड में पुल के निर्माण का प्रस्ताव केंद्र की मंजूरी के लिए भेजा है। एनएचएआई की वार्षिक योजना में इस पुल को शामिल कर लिया गया है। अब उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही इस पुल के निर्माण को अंतिम मंजूरी मिलेगी। ब्रौनी खड्ड के पास करीब दो दशक से पुल बहने, जमीन धंसने और भूस्खलन होने से तिब्बत सीमा को जोड़ने वाले नेशनल हाईवे के बाधित होने की समस्या बनी हुई है। खड्ड के दोनों ओर करीब एक किलोमीटर लंबी सड़क की दशा बेहद खराब है, जिससे बरसात के दौरान यात्रियों की परेशानी काफी बढ़ जाती है। भूस्खलन प्रभावित इस क्षेत्र में एनएच को ठीक करवाने में अब तक करोड़ों रुपये की राशि खर्च की जा चुकी है, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं मिल पाया। भू वैज्ञानियों ने भी इस क्षेत्र का निरीक्षण कर यहां सड़क के निर्माण के लिए जगह को असुरक्षित ठहराया है। इसी को देखते हुए एनएचएआई रामपुर ने प्रस्ताव तैयार कर केंद्रीय मंजूरी के लिए भेजा है। एनएचएआई ने करीब 305 मीटर लंबे थ्री लेन पुल का प्रस्ताव तैयार किया है, जिस पर करीब 127 करोड़ रुपये की राशि खर्च होने का अनुमान है। मुख्य अभियंता नेशनल हाईवे अथॉरिटी से मंजूरी मिलने के बाद मामला अंतिम मंजूरी के लिए केंद्र सरकार को भेजा था और अब इस योजना को एनएचएआई की वार्षिक योजना में शामिल कर दिया गया है। अब मंत्रालय से अंतिम मंजूरी मिलते ही ब्रौनी खड्ड में पुल निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। पुल बनने से किन्नौर, शिमला और लाहौल-स्पीति के काजा उपमंडल सहित देश-विदेश से आने वाले पर्यटक, देश सीमा पर तैनात भारतीय सेना और आईटीबीपी के जवानों को इसका लाभ मिलेगा। वहीं, क्षेत्र के हजारों बागवानों को अपनी नकदी फसलें मंडी पहुंचाने में भी परेशानी नहीं झेलनी पड़ेगी।
एनएचएआई रामपुर के सहायक अभियंता प्रदीप कौशल ने बताया कि ब्रौनी खड्ड पर प्रस्तावित पुल निर्माण की योजना एनएचएआई के वार्षिक प्लान में शामिल हुई है। ब्रौनी खड्ड में करीब 305 मीटर लंबा थ्री लेन पुल बनाने का प्रस्ताव है, जिस पर करीब 127.66 करोड़ रुपये की राशि खर्च होने का अनुमान है। पुल बनने से नेशनल हाईवे की 700 मीटर दूरी भी कम होगी। केंद्रीय मंत्रालय से मंजूरी और बजट का प्रावधान होते ही पुल निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो पाएगी।