शिमला। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सेब की खड़ी फसल को शुक्रवार को आए तूफान के कारण भारी नुकसान पहुंचा है। शुक्रवार सुबह और रात के समय तेज हवाएं चलने से सेब के बागीचों में भारी ड्रापिंग हुई। बागीचे में सेब तोड़ने से ठीक पहले आए इस तूफान के कारण बागवानों की साल भर की मेहनत पर पानी फिर गया है। रतनाड़ी के प्रगतिशील बागवान सुभाष ठाकुर ने बताया कि शुक्रवार रात बारिश के साथ तेज हवाएं चलीं। शनिवार सुबह बागीचे में पेड़ों के नीचे सेब के ढेर लगे हुए थे। ऐसे बागीचों में जहां एंटी हेल नेट लगे थे नुकसान थोड़ा कम हुआ है।
रतनाड़ी के बागवान रूपलाल श्याम, महेंद्र सिंह चौहान, इंद्र सिंह पंजटा और ज्ञान सिंह पंजटा ने बताया कि बागीचों में सेब की फसल तैयार है। 10 सिंतबर के बाद सेब तोड़ने का काम शुरू होना है। तूफान के कारण सेब की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। कोटखाई बाघी, हलाईला और चैथला में भी तूफान के कारण फसल को नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा रामपुर के ननखड़ी और कुल्लू के आनी में भी शुक्रवार को आए तूफान के कारण सेब की फसल प्रभावित हुई है। बागवानों ने प्रदेश सरकार से प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का आंकलन कर प्रभावितों को मुआवजा देने की मांग की है।
- अभी भी नहीं खुले सेब खरीद केंद्र
सेब उत्पादक क्षेत्रों में सेब खरीद केंद्र न खुलने के कारण बागवानों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। सेब की फसल तैयार हो गई है और अभी तक एचपीएमसी ने सेब खरीद केंद्र नहीं खोले हैं। पुजारली (मड़ावग) के बागवान देवेंद्र चौहान (पूर्व बीडीसी चेयरमैन) का कहना है कि मड़ावग में एचपीएमसी हर साल तीन सेब खरीद केंद्र खोलता था। मड़ावग, माटल और पुजारली में अगस्त माह के पहले हफ्ते से सेब खरीद केंद्रों पर बागवानों से उनकी उपज खरीदी जाती थी। इस साल करीब एक माह देरी से सेब खरीद केंद्र खोले गए हैं। पुजारली में अभी तक खरीद केंद्र नहीं खोला गया जिसके कारण सेब उत्पादक को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
- मंडियों को रवाना हुई सेब की एक करोड़ पेटियां
शिमला। सेब सीजन के दौरान अब तक सेब उत्पादक क्षेत्रों से सेब की करीब एक करोड़ पेटियां देश की विभिन्न मंडियों के लिए रवाना की जा चुकी हैं। यह जानकारी देते हुए उपायुक्त दिनेश मल्होत्रा ने बताया कि सेब नियंत्रण कक्षों से सेब के 18572 ट्रक और 33865 पिकअप मंडियों के लिए रवाना हुई हैं। सीजन के दौरान अब तक ट्रक चालक-परिचालकों के 16022 पहचान पत्र बनाए गए हैं।