झील के दायरे में खड़े किए टावर, लाइन के सर्वे को बदला
सावड़ा कुड्डू विद्युत परियोजना की डैम साइट का मामला
डैम साइट पर वाटर स्पोर्ट्स की गतिविधियां की जानी थीं शुरू
स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री और विधायक को भेजी शिकायत
अमर उजाला ब्यूरो।
रोहडू। सावड़ा कुड्डू विद्युत परियोजना की हाटकोटी स्थित डैम साइट पर झील के दायरे में हिमाचल प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन ने टावर खड़े कर दिए हैं। इससे पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए किए गए दावों पर विराम लग गया है। झील के दायरे में खड़े किए गए टावर और बदली गई टावर लाइन के सर्वे को लेकर लोगों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। लोगों ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री और स्थानीय विधायक को लिखित में भेजी है।
111 मैगावाट की सावड़ा कुड्डू परियोजना का निर्माण कार्य पूरा होने वाला है। इसके लिए टावर लगाने का कार्य चल रहा है। पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन ने झील के दायरे में आने वाली भूमि पर ही तीन टावर खड़े कर दिए हैं। हालांकि सरकार की ओर से यहां पर वाटर स्पोर्ट्स की गतिविधियों को शुरू करने की योजना थी। जिससे विद्युत उत्पादन के साथ पर्यटन को बढ़ावा मिल सके। कारपोरेशन की ओर से पुराने सर्वे को बदल कर टावर दूसरी जगह पर लगाए जा रहे हैं। इस मामले को जनमंच में भी उठाया गया था लेकिन वहां पर विभाग के अधिकारी उपस्थित नहीं रहे।
पंचायत के प्रधान सुभाष पांटा, घुंसा गांव निवासी निक्की बाल्टू, प्रदीप बाल्टू सहित ग्रामीणों ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री को भेजी है। उन्होंने शिकायत में कहा है कि वैराज की सुंदरता को खत्म किया गया है। यहां पर वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों की संभावना को खत्म किया जा रहा है। लोगों के मुर्दाघाट और घरों के ऊपर से टावर लाइन को बनाने का प्रयास किया जा रहा है। टावर लाइन के लिए जहां से एफआर के तहत मंजूरी मिली उस स्थान को छोड़कर लाइन दूसरे स्थान से गुजारी जा रही है। उन्होंने इसकी शिकायत विधायक एवं सरकार के मुख्य सचेतक नरेंद्र बरागटा से भी की है। यदि इस पर गौर नहीं किया जाता तो मामले को उच्च न्यायालय में उठाया जाएगा। प्रदेश टावर लाइन कॉरपोरेशन के अधिशाषी अभियंता रमेश चंद के अनुसार टावर लाइन को सर्वे के बाद खड़ा किया गया है। लोगों के हितों को भी ध्यान में रखा जाएगा।