ज्यूरी कॉलेज बंद करने के विरोध
में सड़कों पर उतरे जनप्रतिनिधि
पीजी कॉलेज रामपुर से एसडीएम कार्यालय तक निकाली रोष रैली
दस दिन में नहीं हुई शिक्षकों की तैनाती तो करेंगे उग्र आंदोलन
अमर उजाला ब्यूरो
रामपुर बुशहर। हाल ही में प्रदेश सरकार की ओर से बंद किए गए ज्यूरी कॉलेज को लेकर क्षेत्र के लोगों का रोष फूटने लगा है। मंगलवार को क्षेत्र की 15 पंचायतों के जनप्रतिनिधि और सैकड़ों लोगों ने सड़कों पर उतरकर प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला। ग्रामीणों ने प्रदेश की भाजपा सरकार के साथ सौतेला व्यवहार करने के आरोप लगाए। ग्रामीणों ने चेताया कि यदि 10 दिन के भीतर कॉलेज को बहाल और शिक्षकों की तैनाती नहीं की गई तो वे सरकार के खिलाफ उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
ज्यूरी कॉलेज बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले मंगलवार को सैकड़ों ग्रामीण सड़कों पर उतरे। 15 पंचायतों से आए गुस्साए ग्रामीणों ने पीजी कॉलेज रामपुर के मुख्य द्वार से लेकर एसडीएम कार्यालय तक रोष रैली निकाली। यहां पहुंचकर समिति ने एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को अपना ज्ञापन भेजा। समिति ने कहा कि पशु पालन विभाग की 80 बीघा जमीन में जल्द कॉलेज भवन का निर्माण कार्य शुरू करने, दस दिन के भीतर कॉलेज में स्टाफ की तैनाती करने की मांग की है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को उच्चतर शिक्षा का लाभ घर द्वार पर मिल सके। समिति ने चेताया कि यदि 10 दिनों के भीतर कॉलेज को यथावत नहीं चलाया गया तो ग्रामीण सड़कों पर उतर कर सरकार के खिलाफ उग्र आंदोलन छेड़ेगी।
इस मौके पर विधायक नंद लाल, कांग्रेस जोन अध्यक्ष ज्ञान मेहता, पंस अध्यक्ष राजेंद्र ठाकुर, ज्यूरी प्रधान अशोक नेगी, विजय नेगी, बन्ना देवी, यशपाल सोनी, गीता दत्त शर्मा, अकबर सिंह, रविकांत, बृजमोहन, नारायण खन्ना, सुभाष नेगी, भजन दास, प्रेम सिंह, जय प्रकाश, सुरेश शर्मा सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।