रोहड़ू। बर्फीले क्षेत्रों में तीन महीने का एक साथ मिलने वाला सस्ते राशन का कोटा अभी तक नहीं पहुंचा है। यदि जल्द हिमपात हुआ तो सस्ते राशन का इंतजार कर रहे लोगों की परेशानी बढ़ सकती है। तीन महीने के राशन के लिए लोग सरकारी डिपुओं के बार-बार चक्कर काट रहे हैं। रोहड़ू-जुब्बल व चिड़गांव तहसील के बर्फीले क्षेत्र के लिए सिविल सप्लाई की दुकानों में सर्दियों का कोटा नवंबर महीने में पहुंचता है।
ऊंचाई वाले क्षेत्रों में लोगों को हर साल फरवरी तक के राशन का वितरण दिसंबर के पहले सप्ताह तक पूरा किया जाता है, ताकि हिमपात के बाद दूरदराज क्षेत्र में राशन की कमी न हो। इस बार अभी तक केवल डोडरा क्वार के लिए राशन पहुंचा है। लेकिन वहां पर मिट्टी तेल की आपूर्ति नहीं हुई है। तीन तहसीलों में राशन का कोटा नहीं भेजा जा रहा है। प्रमोद कुमार, प्रेम लाल, रामा नंद ने बताया कि छौहारा क्षेत्र के कई गांव के डिपुओं में हिमपात के बाद सड़के बंद होने पर सस्ते राशन की आपूर्ति संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि छौहारा क्षेत्र के दूरदराज सरकारी डिपुओं में अभी तक दिसंबर महीने का राशन तक नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि यदि हिमपात हुआ तो लोगों को मार्च तक सस्ते राशन के लिए परेशानी होना पड़ेगा। उन्होंने सरकार से मांग की है कि सभी डिपुओं में तीन महीने के राशन का कोटा शीघ्र उपलब्ध करवाया जाए। हिमपात के बाद मार्च महीने से पहले सस्ता राशन दूरदराज के गांव मेें पहुंचाना संभव नहीं है।
विभाग ने नहीं दिया राशन : जोगिंद्र
खाद्य एवं आपूर्ति निगम के बिक्री पर्यवेक्षक जोगिंद्र सारटा ने कहा कि जुब्बल व रोहड़ू की स्नो बांड पंचायतों के लिए खाद्य आपूर्ति विभाग की ओर से तीन महीने का राशन नहीं दिया गया है। हालांकि निगम के डिपुओं में पर्याप्त राशन उपलब्ध है। लेकिन ग्रामीण क्षेत्र के लिए इसका वितरण खाद्य निरीक्षक की ओर से होता है।