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सरकार के खिलाफ उतरे सड़कों पर

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प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला ब्यूराे
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रामपुर बुशहर। रामपुर में बुधवार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और आशा वर्करों ने रैली निकालकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ट्रेड यूनियन के बैनर तले आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा वर्कर और मिड-डे मील वर्करों ने सरकार से न्यूनतम वेतन देने की मांग की है। इसके अलावा सरकार से सामाजिक सुरक्षा पेंशन, ईएसआई और मेडिकल सुविधा मांगी। 45वें श्रम सम्मेलन की सिफारिशों को तुरंत लागू करने के लिए आवाज उठाई। कहा कि अभी यह सांकेतिक प्रदर्शन है। यदि केंद्र और राज्य सरकार वर्कर विरोधी नीतियां लागू करने से पीछे नहीं हटती तो आने वाले समय में उग्र आंदोलन किया जाएगा।
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अखिल भारतीय 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर रामपुर में केंद्र सरकार की स्कीम वर्कर विरोधी नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। रामपुर पुराने बस अड्डे से लेकर बाजार में रैली निकाली और नारेबाजी की। इसके बाद रामपुर एसडीएम कार्यालय के बाहर सीटू और आंगनबाड़ी वर्कर यूनियन ने संबोधित किया। सीटू शिमला जिला अध्यक्ष बिहारी सिवेगी और क्षेत्रीय कमेटी सचिव कुलदीप ने कहा की केंद्र की मोदी सरकार जबसे सत्ता में आई है, तब से लगातार स्कीम वर्कर के बजट में कटौती की जा रही है। योजनाओं को वेदांता इस्कान और नंदी फाउंडेशन जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनी को ठेके पर देकर कॉरपोरेट को फायदा पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। आंगनबाड़ी वर्कर पिंगला गुप्ता और राधा ने कहा कि आंगनबाड़ी वर्कर लंबे समय से सेवाएं दे रही हैं। इसके बाद भी उनको न्यूनतम वेतन और पेंशन का लाभ नहीं मिल रहा। मिड-डे मील वर्कर कौशल्या और मीना ने कहा कि देश और प्रदेश की सरकार आंगनबाड़ी और मिड-डे मील वर्करों का शोषण कर रही। इस दौरान दिनेश मेहता, सुरजी, चंदा मांटा, कांता चौहान, उर्मिला, तीर्था वर्मा, नीलम, रेणु ठाकुर, कमला, मीरा चौहान, संजीता, सत्या शर्मा, बीना, रीना कैंथला, शांता, सीता, सोना शुक्ला सहित कई महिलाएं मौजूद रहीं।
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