किन्नौर जिला में लोक निर्माण विभाग की जेसीबी मशीन सड़क बहाल में जुटी
- फोटो : RAMPUR-HP
सांगला (किन्नौर)। जनजातीय जिला किन्नौर में बर्फबारी आफत बनकर बरस रही है। ताजा हिमपात के चलते जिले में 26 ग्रामीण सड़कों पर वाहनों के पहिये जाम हो गए हैं। करीब आधा दर्जन विद्युत ट्रांसफार्मर ठप हैं। लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं।
लगातार बर्फबारी और बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। जिले के ऊंचे और मध्यम क्षेत्र बर्फ से लकदक हैं। निचले क्षेत्रों में झमाझम बारिश जारी है। हजारों लोग घरों में कैद हैं। ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। शुक्रवार को भी जिले की अधिकांश ग्रामीण सड़कों पर निगम की बसों के पहिये थमे रहे। वाहनों की आवाजाही ठप होने से ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बर्फबारी से जिले भर की 26 ग्रामीण सड़कें बंद हैं। हालांकि, मौसम खराब होने के बावजूद सुबह से ही नेशनल हाईवे प्राधिकरण, सीमा सड़क संगठन, लोनिवि, विद्युत बोर्ड और जलशक्ति विभाग जिले भर में बर्फबारी से प्रभावित हुई व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में जुटे हैं। शुक्रवार को किन्नौर जिले के कल्पा का अधिकतम तापमान 3 और न्यूनतम तापमान माइनस 2.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सांगला का अधिकतम तापमान 5 और न्यूनतम तापमान माइनस 3.5 डिग्री दर्ज किया गया। परिवहन निगम के अड्डा रिकांगपिओ सुमन नेगी ने बताया कि बर्फबारी के कारण अधिकांश ग्रामीण सड़कों पर निगम की बसों की आवाजाही नहीं हो पाई है। कुछ ग्रामीण सड़कों पर आधे रास्ते तक ही बसों को भेजा गया।
उधर, लोनिवि के एक्सईएन भावानगर राहुल सूद और एसडीओ कल्पा अशोक नेगी ने कहा कि बर्फबारी से बाधित मार्गों को बहाल करने के लिए 15 मशीनों के साथ मजदूर तैनात किए गए हैं। जल्द बाधित सड़कों को यातायात के लिए बहाल किया जाएगा।
बर्फबारी के चलते जिले के शुरतिंग, कोटा और कुन्नोचारंग के 4 डीपीआर बंद पड़े हैं। क्षेत्र में बत्ती गुल होने के कारण लोगों को ठंड में ठिठुरने पर मजबूर होना पड़ रहा है। विद्युत बोर्ड रिकांगपिओ के एक्सईएन टाशी नेगी ने कहा कि भारी बर्फबारी के कारण बाधित बिजली आपूर्ति को बहाल करने में बोर्ड जुटा है। बिजली बहाल करने का हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द बिजली आपूर्ति बहाल की जाएगी।
--
बर्फबारी के चलते रिकांगपिओ में खडी एचआरटीसी की बसें- फोटो : RAMPUR-HP