पहाड़ी कलाकारों के नाम रही किन्नौर महोत्सव की तीसरी संध्या
इंद्रजीत, रमेश और नरेंद्र ने दीं एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां
अमर उजाला ब्यूरो
रिकांगपिओ/सांगला। राज्य स्तरीय किन्नौर महोत्सव की तीसरी सांस्कृतिक संध्या में किन्नौरवासी पहाड़ी तरानों पर खूब झूमे। इंद्रजीत और रमेश ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां पेशकर खूब धमाल मचाया। सांस्कृतिक संध्या का आगाज रमेश ठाकुर ने सैंज म्हारा होटल गीत गाकर किया। ओ बांकी चंद्रा, कालियारो हान्डो, तेरी नगरी, जे झुरीये मिलणा, तेरी आंखियों का काजल जैसे गीत गाकर लोगों को नाचने पर मजबूर किया। वहीं नरेंद्र ठाकुर ने ‘बेटी है अनमोल’ नामक गीत से अपने गायन को शुरू किया। इसके बाद ओ रिनु ओ रिनु, शाऊरा लाना तेरे गराऊं, बोतला टुटी, पाटु लाऊआ बुणना, बंगा छुट्टी ओ सरला रोक भाबीये रोक भाबीये जैसे गीत गाकर लोगों का खूब मनोरंजन किया।
संध्या की अंतिम सांस्कृतिक प्रस्तुति देते हुए इंद्रजीत ठाकुर ने बुधुआ मामा, कुल्लवी लामण, हाडे मेरे मामुआ, मिठा बड़ा लागदा मेरी झुरिये, लाड़ी शाऊणीये, साजा लागा माघ रा, तू ऐजे घरटू, म्हारी लागी शाऊणी जाच और रोहडू जाणा मेरी आमिये आदि गीत गाकर पंडाल में मौजूद सभी दर्शकों को झूमने पर मजबूर किया।
इससे पूर्व राज्य स्तरीय किन्नौर महोत्सव के तीसरे दिन की शुरुआत लोक नृत्य, लोकगीत, वाद्य यंत्र और शहनाई वाहन की प्रतियोगिता से की गई। लोकनृत्य में महादेव खेल एवं सांस्कृतिक क्लब पोवारी ने पहले स्थान पर बाजी मारी। मुख्य अतिथि जिला उपायुक्त एवं मेला कमेटी अध्यक्ष गोपाल चंद ने 40 हजार रुपये व ट्रॉफी देकर उन्हें सम्मानित किया। दूसरे स्थान पर रहे शेशेरिंग नागस पंगी को 35 हजार और तृतीय स्थान पर रहे देवी दुर्गा कोठी को 30 हजार देकर सम्मानित किया। वाद्य यंत्र में प्रथम शेशेरिंग नागस पंगी को 25 हजार, देवी चंडिका कोठी को 20 हजार और सोनी स्टार को तृतीय स्थान पर 15 हजार देकर पुरस्कृत किया। वहीं इस अवसर पर एसी किन्नौर व मेला कमेटी सचिव सुरेंद्र कुमार, एसडीएम कल्पा डॉ. मेजर अवनिंद्र कुमार, डीएसपी किन्नौर धनसुख दत्ता, डीपीआरओ किन्नौर ममता नेगी और डीआई किन्नौर विक्रम सिंह मौजूद रहे।