अमर उजाला ब्यूरो
सांगला (किन्नौर)।
जनजातीय जिला किन्नौर एक बार फिर से शीत लहर की चपेट में आ गया है। जिले के ऊंचाई वाले इलाकों में शनिवार सुबह से हल्की-हल्की बर्फबारी का क्रम शुरू हो गया। किन्नौर जिले के कल्पा का अधिकतम तापमान 2 डिग्री और न्यूनतम तापमान -1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। प्रमुख पर्यटन स्थल सांगला का अधिकतम तापमान 3.5 डिग्री और न्यूनतम तापमान -1.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हिमपात के चलते पूरा दिन लोग घर से बाहर नहीं निकले।
जिला मुख्यालय रिकांगपिओ, कल्पा, सांगला, छितकुल, निचार, बरी, तरांडा, रूपी, भावावैली, रोधी, पांगी, बारंग, सापनी, कनई, बटूरी, ब्रुआ, शौंग, चांसू, सांगला, रक्षम सहित अधिकांश ऊंचाई वाले इलाकों में पूरा दिन हल्की-हल्की बर्फबारी होती रही। जिले के निचले क्षेत्रों पोवारी, कड़छम, चोलिंग, टापरी, डैड सुंगरा, भावानगर, निगुलसरी और चौरा में दिन भर बारिश हुई। बर्फबारी के बाद रिकांगपिओ से शिमला और काजा की ओर वाहनों की आवाजाही बराबर रही। जिले के ग्रामीण रूटों पर भी निगम की बसें सुचारु रूप से चलती रही। उधर, परिवहन निगम रिकांगपिओ के आरएम शमशेर सिंह ने कहा कि जिले में हुई बर्फबारी के बाद अभी तक कोई रूट प्रभावित नहीं हुआ है। जिले के बागवान प्रताप सिंह नेगी, सुरेंद्र नेगी, भगवान नेगी, यतेंद्र नेगी, जियालाल नेगी, विद्या लाल नेगी, देवीदयाल नेगी, जोगदयाल नेगी, गुरदयाल नेगी, खुशहाल सिंह नेगी, रामदयाल नेगी सहित अन्य बागवानों ने कहा कि पर्याप्त बर्फबारी न होने से जमीन में नमी अच्छी तरह से नहीं हो पाई।