करोड़ों की लागत से बनी मंडी बनी शोपीस, विपणन समिति को भी लग रही चपत
राकेश बिनी शर्मा
निरमंड (कुल्लू)। निरमंड में किसान-बागवानों की सुविधा के लिए एपीएमसी ने करोड़ों रुपये खर्च कर मार्केट यार्ड और दुकानें तो बना लीं, लेकिन यहां बनी दुकानें आठ साल से खाली हैं। सब्जी मंडी में बनी 18 दुकानों में से सिर्फ दो ही दुकानें कारोबारियों ने खरीदी हैं। इससे विपणन समिति कुल्लू एवं लाहौल-स्पीति को नुकसान हो रहा है।
यहां किसान और बागवानों की सुविधा के लिए एपीएमसी ने वर्ष 2016 में 2.25 करोड़ की लागत से 18 दुकानों और नीलामी मंच के साथ-साथ किसान विश्राम गृह का निर्माण किया है। अब आलम यह है कि इस सब्जी मंडी में बनाई गई दुकानों को कारोबारी नहीं मिल रहे हैं। एपीएमसी ने इसके लिए टेंडर प्रक्रिया भी अपनाई, लेकिन कारोबारियों में इसको लेकर कोई रुचि नहीं दिख रही है। ऐसे में यदि आने वाले समय में भी यहां कारोबारियों में दिलचस्पी नहीं ली तो सब्जी मंडी पर संकट छा सकता है।
निरमंड क्षेत्र के किसानों और बागवानों के लिए एपीएमसी ने पहले यहां जमीन की खरीद की और उसके बाद स्वर्गीय वीरभद्र सिंह सरकार ने यहां 2.25 करोड़ रुपये में दुकानें, नीलामी मंच और किसान विश्राम गृह का निर्माण किया। उसके बावजूद भी क्षेत्र के कारोबारियों सहित किसान-बागवानों को यह मंडी रास नहीं आ रही है।
संवाद
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कब कितना सेब पहुंचा
वर्ष सेब के बॉक्स
2021-22 3360
2022-23 38209
2023-24 10833
2024-25 31568
2025-26 25300
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बीते वर्ष मात्र 41 लाख, 52 हजार रुपये आय
एपीएमसी के लिए यह सब्जी मंडी घाटे का सौदा साबित हो रही है। इतने वर्षों में जहां इस सब्जी मंडी में बहुत ही कम संख्या में सेब की पेटियां पहुंची हैं। उससे एपीएमसी को शुल्क और अन्य स्रोतों से होने वाली आय बीते वर्ष 41 लाख, 52 हजार रुपये मात्र है।
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निरमंड सब्जी मंडी में दुकानों की नीलामी के लिए बार-बार टेंडर प्रक्रिया अपनाई गई है, लेकिन कारोबारी नहीं आ रहे हैं। इसके कारण दुकानें खाली हैं और अब जो भी इच्छुक दुकानदार यहां किसी भी तरह की दुकान चलाना चाहता है। उन्हें दे दी जाएगी।
दीक्षित, सचिव एपीएमसी कुल्लू एवं लाहौल-स्पीति।