भूस्खलन के चलते एनएच पांच फिर बाधित
पांगी और काशंग नाला के पास लगातार भूस्खलन से बढ़ीं समस्याएं
सीमा सड़क संगठन जुटा बाधित एनएच को बहाल करने में
अमर उजाला ब्यूरो
सांगला (किन्नौर)। किन्नौर जिले में शुक्रवार रात को हुई बारिश के चलते ग्रामीणों की समस्याएं एक बार फिर से बढ़ गई हैं। बारिश के चलते एनएच पांच पर एक बार फिर से भूस्खलन का सिलसिला शुरू हो गया है, जिससे जिले के हजारों ग्रामीणों सहित देश-विदेश से किन्नौर पहुंचने वाले पर्यटकों को परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। सीमा सड़क संगठन बाधित एनएच को बहाल करने में जुटा हुआ है।
पहले जिले के पोवारी और पांगी के बीच बाधित करीब 80 मीटर एनएच बहाल नहीं हो पाया था कि शुक्रवार रात को अवरुद्ध मार्ग से करीब तीन किलोमीटर आगे पांगी और काशंग नाला के पास पहाड़ी से चट्टानों के खिसकने का सिलसिला शुरू हो गया। पहाड़ी चोटी से ल्हासा आने के कारण करीब 40 मीटर एनएच पर मलबे का ढेर लग गया है, जिसके चलते जिला मुख्यालय से पूह और काजा की ओर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से ठप पड़ गई है। लगातार हो रहे भूस्खलन के कारण सीमा सड़क संगठन की मुश्किलें भी बढ़ती ही जा रही हैं। सीमा सड़क संगठन ने बाधित एनएच को बहाल करने के लिए 4 मशीनें और 40 मजदूर तैनात किए हैं, जो लगातार विपरीत परिस्थितियों में बाधित एनएच को बहाल करने में जुटे हुए हैं। सीमा सड़क संगठन के ओसी एचआर वनराज के अनुसार दो स्थानों पर बाधित हुए एनएच पांच को बहाल करने का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। मार्ग बहाल करने के लिए मशीनें और मजदूर तैनात किए गए हैं। शनिवार शाम तक बाधित मार्ग को यातायात के लिए बहाल कर दिया जाएगा।
वहीं इस संबंध में परिवहन निगम रिकांगपिओ के अड्डा प्रभारी बीरचंद राय के अनुसार एनएच बाधित होने से जिला मुख्यालय रिकांगपिओ से पूह काजा की ओर निमग की बसों की आवाजाही नहीं हो पा रही। बाधित स्थल के पास स्वारियों को ट्रांसमिट कर भेजा जा रहा है। एनएच बहाल होते ही निगम की बसों को बराबर भेजा जाएगा।