नाथपा में नहीं थमा भूस्खलन, कई बगीचे भी आए जद में
शनिवार से बाधित एनएच पांच रविवार को भी नहीं हो पाया बहाल
जान जोखिम में डाल कर एनएच को बहाल करने में जुटे हैं कर्मी
अमर उजाला ब्यूरो
भावानगर(किन्नौर)। जनजातीय जिला किन्नौर के नाथपा में नेशनल हाईवे पांच पर पहाड़ी से लगातार हो रहा भूस्खलन रूद्र रूप धारण कर चुका है। यहां पहाड़ी से लगातार गिर रही चट्टानें एनएच पर तबाही मचा रही हैं। ऐसी स्थिति में नेशनल हाईवे प्राधिकरण के मजदूरों को भी मार्ग बहाली का कार्य शुरू करना सीधे मौत को दावत देने जैसा बन गया है। रविवार दोपहर बाद यहां पहाड़ी से अंधाधुंध चट्टानें खिसकनी शुरू हुईं। इससे यहां मार्ग बहाली के इंतजार में लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ा।
शनिवार देर शाम कुछ घंटे के लिए एनएच पांच बहाल हो पाया था, इसके बाद फिर से सड़क यातायात के लिए अवरुद्ध हो गई है। मार्ग बाधित होने से रविवार सुबह से ही एनएच के दोनों ओर सैकड़ों वाहन कतार में लगे रहे। एक सप्ताह से नाथपा में भूस्खलन के कारण हर रोज हाईवे बंद हो रहा है। भूस्खलन का सिलसिला थमने के बजाय लगातार बढ़ रहा है। इससे जहां एनएच बाधित हो रहा है, वहीं बागवानों के बगीचे भी क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। शुरुआती तौर पर दो लोगों के खेत इसकी चपेट में आ गए थे। अब अन्य बागवानों के बगीचे भू स्खलन की जद में आने शुरू हो गए हैं। लगातार हो रहे भूमि कटाव से एनएच पर जिले के हजारों लोगों को जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है। हालांकि जिला प्रशासन और संबंधित महकमे स्थिति से निपटने में सफल नहीं हो पा रहे। यह समस्या कब तक बनी रहेगी, इस बारे में कहना मुश्किल है। लेकिन एनएच के बार बार बाधित होने से लोगों की परेशानियां लगातार बढ़ती ही जा रही हैं। पहाड़ी से खिसक रही चट्टानें और मलबा सतलुज नदी के किनारे तक पहुंच रहा है। रविवार दोपहर बाद गिरे भारी मलबे के कारण क्षेत्र में धूल का धुआं ही धुआं पसरा रहा। इससे नाथपा-झाकड़ी परियोजना के बांध स्थल पर जाने वाला मार्ग भी बंद हो गया है। वहीं, एनएच प्राधिकरण ने सड़क बहाल करने के लिए दोनों ओर मशीनें तैनात कर रखी हैं, लेकिन पहाड़ी से पत्थरों का खिसकना बंद नहीं हो रहा है। ऐसे में एनएच प्राधिकरण मार्ग को सुचारु रूप से करने में बेबस हो गया है। रविवार को भूस्खलन से कई बिजली के खंभे भी इसकी चपेट में आ गए। तेजी से हो रहे भूस्खलन का मुआयना करने एसडीएम घनश्याम दास मौके पर पहुंचे।
भूस्खलन बंद होते ही बहाल कर दिया जाएगा एनएच
नेशनल हाईवे प्राधिकरण के एक्सईएन पीसी नेगी ने कहा कि पहाड़ी से लगातार पत्थर गिर रहे हैं, जिस कारण मार्ग बहाली का कार्य प्रभावित हो रहा है। जैसे ही पहाड़ी से पत्थरों के खिसकने सिलसिला बंद हो जाएगा, तुरंत मार्ग बहाल किया जाएगा।