रामपुर बुशहर। वर्षों पूर्व किराये पर लिए गए मां भीमाकाली मंदिर न्यास के पुराने भवन के स्थान पर नए सिरे से भवन निर्माण करने वाले कब्जाधारी को जल्द ही हटाया जाएगा। कब्जे को हटाने की मांग को लेकर मंदिर न्यास ने एसडीएम कोर्ट में गुहार लगाई है। इसके लिए संबंधित तहसीलदार को भी न्यास की ओर से मामला भेजा गया है।
रामपुर शहर के बीचों बीच सत्यनारायण मंदिर के साथ भीमाकाली मंदिर न्यास के पुराने भवन को दशकों पूर्व किराए पर दिया गया था। मंदिर न्यास को भवन के एवज में मिलने वाले राजस्व को भी जारी नहीं किया गया। संबंधित किराएदार ने न तो मंदिर न्यास के साथ रेंट एग्रीमेंट किया और न ही किराया जारी किया। किराएदार ने मंदिर न्यास की भूमि पर नियमों को ताक पर रखकर पुराने एक मंजिला मकान के स्थान पर दो मंजिला आरसीसी भवन का निर्माण कर दिया है। नए भवन निर्माण को लेकर नगर परिषद ने भी संबंधित किराएदार को नियमों को ताक पर रखकर नोटिस जारी किया था, लेकिन नप और मंदिर न्यास के नोटिस जारी करने के बाद भी किराएदार ने निर्माण कार्य जारी रखा।
इस संबंध में बीते वर्ष 27 सितंबर को एसडीएम रामपुर ने किराएदार को 30 दिन के भीतर कब्जा हटाने के निर्देश दिए थे, लेकिन बावजूद इसके यह किराएदार मंदिर न्यास की भूमि पर कब्जा किए रहा। इस मामले को लेकर मंदिर न्यास ने एसडीएम रामपुर से जल्द कब्जा हटाकर न्यास की भूमि को वापस दिलाने की मांग की है। संबंधित तहसीलदार को मंदिर न्यास की करीब डेढ़ बिस्वा भूमि को जल्द खाली करने को लेकर शिकायत पत्र सौंपा गया है। इससे पूर्व मंदिर न्यास ने शहर के जानकी माई गुफा मंदिर में पुराने भवन के तीन कमरों पर किया गया कब्जा हटाया। शहर में भीमाकाली मंदिर न्यास की भूमि पर कब्जा करने के एक और मामला भी है, जो अभी एसडीएम कोर्ट में विचारधीन है। इस पर भी जल्द सुनवाई होगी।
भीमाकाली मंदिर न्यास के कार्यकारी अधिकारी बीआर नेगी ने बताया कि मंदिर न्यास की भूमि पर अवैध रूप से कब्जा करने वाले किरायेदार की एसडीएम से शिकायत की गई है। न्यास की भूमि पर नियमों को ताक पर रखकर पुराना भवन तोड़ कर नया भवन बनाया गया है, जिस पर उचित कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। संबंधित तहसीलदार को मामला भेज कर जल्द कब्जा हटाने की मांग की गई है। शहर के अन्य एक कब्जे का मामला भी अभी एसडीएम कोर्ट में विचाराधीन है।
एसडीएम रामपुर नरेंद्र चौहान ने कहा कि मामले को लेकर भीमाकाली मंदिर न्यास ने शिकायत दर्ज की है। दोनों पक्षों का संवाद किया जाएगा। मामला कानूनी है, जिसकी जांच के बाद ही आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।