अमर उजाला ब्यूरो
दलाश (कुल्लू)।
नित्थर उप तहसील की शिल्ली पंचायत के डगैणी गांव में हुए अग्निकांड के दूसरे दिन शनिवार को प्रभावित परिवार राख के ढेर में बचे सामान को ढूंढते रहे। हालांकि दूसरे दिन क्षेत्र में बारिश भी हुई। प्रभावितों को सबसे अधिक मुश्किलें गौशालाएं और घास जलने से आ रही हैं। प्रभावित अपने मवेशियों को कहां पर बांधेंगे इसकी चिंता बढ़ गई है। अभी तो लोगों ने प्रभावितों के मवेशियों को आश्रय दे रखा है।
प्रभावितों ने सर्दी के लिए घास की करीब 40 से अधिक टोलियां पुराने घरों में रखी थी, जो आग की भेंट चढ़ गई थी। इसके अलावा जंगल में भी आग लगने से घास जलकर राख हो चुका है। ऐसे में मशेवियों के लिए घास का इंतजाम करने में बहुत बड़ी मुश्किल खड़ी हो गई है। जले हुए आशियानों को देखकर प्रभावितों की आंखें नम भी हो रही थी। साथ ही बार-बार यही कह रहे थे कि किस शरारती तत्व ने जंगल में आग लगाई। शरारती तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रभावितों ने कहा कि अगर उनके पास दूसरे आशियाने नहीं होते तो कहां जाते। आनी उपमंडल में यह पहला इतना बड़ा अग्निकांड है, जिसमें 17 लोगों के छह घरों के 28 कमरे देखते ही देखते राख की ढेर में तबदील हो गए।