भारतीय सेना की मदद से बीआरओ ने छह दिन में लांच किया पुल
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2 सितंबर को भूस्खलन से क्षतिग्रस्त हो गई थी सांगला-छितकुल सड़क पांच पंचायतों के ग्रामीणों को डेढ़ महीने बाद मिला बस सेवा का लाभ वैकल्पिक मार्ग पर घंटों लगने वाले जाम से मिलेगी निजात संवाद न्यूज एजेंसी सांगला (किन्नौर)। चीन की सीमा से जोड़ने वाली कड़छम-सांगला-छितकुल सड़क डेढ़ महीने बाद यातायात के लिए बहाल हो गई है। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में 110 फीट लंबा बेली ब्रिज बनाकर यातायात के लिए बहाल कर दिया है। अब देश की सीमा की ओर वाहनों की सीधी आवाजाही शुरू हो गई है। भारतीय सेना की मदद से बीआरओ ने छह दिन में बेली ब्रिज को लांच कर दिया। अब सांगला वैली की पांच पंचायतों के हजारों ग्रामीणों को बस सेवाओं का लाभ मिल पाएगा। किन्नौर के सीमांत क्षेत्रों को जोड़ने वाली मुख्य सड़क सांगला में 2 सितंबर को भूस्खलन से क्षतिग्रस्त हो गई थी। यहां बड़ा हिस्सा भूस्खलन के कारण ढह रहा है। इससे सड़क की मरम्मत नहीं हो पा रही है। इसके बाद बीआरओ को यहां बेली ब्रिज बनाने का निर्णय लेना पड़ा। वहीं, सांगला से छितकुल के लिए बनी वैकल्पिक सड़क से वाहनों की आवाजाही तो हो रही थी, लेकिन उस पर घंटों जाम के कारण ग्रामीण, पर्यटक और सेना के जवान परेशानी झेल रहे थे। सीमा सड़क संगठन ने सड़क को बहाल करने का काम तेजी से किया और डेढ़ महीने बाद मुख्य सड़क को बहाल कर दिया। सीमा सड़क संगठन और भारतीय सेना की तकनीकी टीम ने 6 दिन की कड़ी मशक्कत के बाद सोमवार को 110 फीट लंबा बेली ब्रिज बनाया। इसकी डेढ़ करोड़ रुपये लागत आई है। अब किन्नौर जिले के प्रमुख पर्यटन स्थल सांगला से छितकुल की ओर बड़े और छोटे दोनों वाहनों की सीधी आवाजाही हो रही है। पुल बनने से लोगों को पहले की तरह जाम की समस्या से परेशान नहीं होना पड़ेगा। सबसे अधिक राहत वैली की छितकुल, रकछम, बटसेरी, थेमगारंग, कामरू और सांगला पंचायतों के लोगों को मिली है। सड़क बाधित होने से परिवहन निगम की बस सेवाओं से ग्रामीण वंचित हो गए थे। ऐसे में अब सड़क के बहाल होने से ग्रामीणों को बस सेवाओं का लाभ मिल पाएगा। सांगला वैली के राजेश नेगी, दीपक नेगी, दिव्या नेगी, अश्विनी नेगी, यतेंद्र नेगी, महेंद्र नेगी, अरुण कुमार नेगी, पवन कुमार नेगी, कुलदीप नेगी सहित अन्य लोगों ने सीमा सड़क संगठन और भारतीय सेना का यातायात को बहाल करने के लिए आभार जताया है।
सांगला में बेली ब्रिज बनकर तैयार हो गया है। अब सांगला से छितकुल की ओर वाहनों की सीधी आवाजाही हो रही है। भारतीय सेना की तकनीकी टीम का बेली ब्रिज की लांचिंग में अहम योगदान रहा और समय पर वाहनों की आवाजाही शुरू हो पाई। - प्रदीप सिंह, ओसी पोवारी, सीमा सड़क संगठन