राज्य सरकार के डिजिटल टेक्नालॉजी एंड गवर्नेंस विभाग ने ई-केवाईसी के लिए मोबाइल एप तैयार की है, जिसमें आधार नंबर की मदद से चेहरे की भी पहचान होगी। जमीन का पूरा रिकॉर्ड आधार नंबर के साथ लिंक किया जाएगा। भूमि रिकॉर्ड, पंजीकरण और विभिन्न प्रमाण पत्र जारी करने की व्यवस्था में सुधार के लिए जमीन की ई-केवाईसी शुरू की गई है। ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी होने के बाद जमीन की रजिस्ट्री के लिए पहचानकर्ता की जरूरत भी खत्म हो जाएगी।
रोजाना गूगल शीट पर अपडेट करना होगा विवरण
उपायुक्तों को सभी तहसीलदार और नायब तहसीलदार के साथ बैठक करने, सभी पटवारियों के मोबाइल में एप्लीकेशन इंस्टॉल करवाने, ई-केवाईसी के दौरान पटवारियों द्वारा आधार कार्ड की फोटो एप्लीकेशन पर अनिवार्य तौर पर अपलोड करवाने और ई-केवाईसी की डेली रिपोर्ट गूगल शीट पर अपडेट करने के निर्देश दिए गए हैं। योजना के तहत बेहतर काम करने वाले पटवारियों को प्रोत्साहित करने के लिए पुरस्कृत भी किया जाएगा।