परिचालक ने सर्वर डाउन होने का बहाना बताया तो शातिरों ने क्यूआर कोड भी जारी किया। राशि न डालने पर घबराए परिचालक को फोन कर धमकाने की कोशिश की। कहा कि अभी 8,200 रुपये नहीं दिए तो उनको दो से ढाई लाख रुपये खर्च करने होंगे। जमीन तक बेचनी पड़ सकती है। लगभग एक घंटे तक शातिरों द्वारा परेशान करने पर महेंद्र कुल्लू पुलिस के साइबर सेल के कार्यालय पहुंचा। उन्होंने साइबर सेल के अधिकारियों को अवगत करवाया और बाद में उन नंबरों को ब्लॉक किया गया। इसके बाद परिचालक ने राहत की सांस ली।
घबराएं नहीं, पुलिस को दें सूचना
शातिर लोगों को ठगने के लिए के लिए कई तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोग किसी तरह के लिंक को न ओपन करें और न ही किसी को भेजें। उन्होंने कहा कि अगर कोई शातिर उनको कॉल कर परेशान कर रहा है तो वह इसकी सूचना पुलिस काे दें। -
संजीव चौहान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, कुल्लू।