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Himachal News: जॉब ट्रेनी मामले में बिंदल सुक्खू सरकार पर बरसे, बोले- बेरोजगार युवाओं को ठगने का नया जाल

Sun, 20 Jul 2025 03:50 PM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने प्रेस वार्ता कर सुक्खू सरकार पर जमकर जुबानी हमला बोला। उन्होंने कहा कि जॉब ट्रेनी बेरोजगार युवाओं को ठगने का एक नया जाल है। पढ़ें पूरी खबर...
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प्रेस वार्ता को संबोधित करते भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने जॉब ट्रेनी मामले पर कांग्रेस सरकार को घेरते हुए कहा कि यह हिमाचल प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को ठगने का एक नया जाल है, नौकरियों का मुद्दा ना उठे इसके लिए यह सरकार के लिए एक साल का जीवनदान है। बिंदल ने सीधा-सीधा कहा कि कांग्रेस सरकार केवल युवाओं को ठगने और शोषित करने का काम करती है। डॉ बिंदल ने कहा कि लोकतंत्र और जनतंत्र के इतिहास में शायद कांग्रेस जैसी सरकार ना कभी पहले आई और ना आएगी। पहले यह एक फैसला लेती ही नहीं है और जो फैसला लेती है वह जन विरोधी होता है।

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प्रियंका गांधी के वीडियो का किया जिक्र
डॉ. बिंदल ने कांग्रेस की नेता प्रियंका गांधी के वीडियो का किया जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस ने सत्ता हासिल करने हेतु युवाओं के लिए एक जाल बिछाया था और प्रियंका गांधी, राजीव शुक्ला, भूपेश बघेल, सुखविंदर सिंह सुक्खू, मुकेश अग्निहोत्री एवं समस्त नेताओं ने प्रदेश की गली कूचे में जा कर कहा था कि प्रदेश में 63000 पद खाली पड़े हैं और हम सत्ता में आते ही 37000 नए पदों का सृजन करेंगे इसी के साथ पहली कैबिनेट में आते ही एक लाख पक्की नौकरियां देंगे वह भी 58 साल वाली मतलब ना आउटसोर्स ना कॉन्ट्रैक्ट पर 58 साल वाली पक्की नौकरी।

'कांग्रेस राज में केवल मित्रों को नौकरियां'
बिंदल ने कहा कि कांग्रेस की वर्तमान सरकार में केवल मित्रों को नौकरियां दी जा रही है और किसी को भी नौकरी नहीं दी गई है। वन, पशु, चिकित्सक, मुख्यमंत्री मित्रों जैसे शब्द हिमाचल प्रदेश में प्रचलित और प्रसिद्ध है, और ऐसे ही लोगों को नौकरियां देने का काम चल रहा है। हिमाचल प्रदेश की लाइब्रेरी में अनेकों युवा एग्जाम की तैयारी करते हैं पर अगर एग्जाम आते हैं तो वह रद्द हो जाते हैं या उनका परिणाम रुक जाता है। हम याद दिलाना चाहेंगे कि यह वही सरकार है जिन्होंने नौकरी देने वाले संस्थान बंद कर दिए और एक ही अधिसूचना से हिमाचल प्रदेश के 1.50 लाख पदों को समाप्त कर दिया, रोजगार के अवसर एवं साधन भी समाप्त कर दिए। ना आउटसोर्स पॉलिसी बनी ना नौकरी देने का कोई रास्ता खुला।
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'पॉलिसी को कामयाब बनाने के लिए प्रदेश सरकार के पास कोई भी फार्मूला नहीं'
डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि यह सरकार नए-नए शब्दों का प्रयोग करती है और युवाओं को ठगती है, वर्तमान जॉब ट्रेनिंग पॉलिसी के अंतर्गत पहले लगने के लिए एग्जाम देंगे फिर 2 साल बाद फिर एग्जाम देंगे। अनुबंध पर नियुक्ति प्रक्रिया को समाप्त कर दिया, इस कर्मचारियों को ना हिम केयर एवं आयुष्मान भारत का लाभ मिलेगा ना मेडिकल बिल क्लियर होंगे और इन कर्मचारियों की नियुक्ति कौन करेगा  वह भी अभी तक क्लियर नहीं है। इस पॉलिसी को कामयाब बनाने के लिए प्रदेश सरकार के पास कोई भी फार्मूला नहीं है यह केवल मात्र युवाओं के साथ एक मजाक है।
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