हिमाचल प्रदेश में नशे से निपटने के लिए सुक्खू सरकार ने मंत्रिमंडल की बैठक में अहम फैसला लिया है। प्रदेश में एकीकृत स्पेशल टास्क फोर्स गठित करने का निर्णय लिया गया है। प्रदेश सरकार के गृह विभाग के अधीन एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स और स्पेशल टास्क फोर्स का विलय कर एकीकृत स्पेशल टास्क फोर्स गठित होगा। मंत्रिमंडल ने पंचायत स्तर पर एंटी चिट्टा अभियान चलाने की भी मंजूरी दी है। इसके अलावा इलेक्टि्रक वाहनों को बढ़ावा देने की नीति के तहत प्रदेश सरकार ने हाईवे पेट्रोलिंग के लिए भी ई- बाइक खरीदने का फैसला लिया है।
एकीकृत स्पेशल टास्क फोर्स का जिम्मा गृह विभाग के सचिव को दिया जा सकता है। गृह सचिव के अधीन पुलिस महानिदेशक टास्क फोर्स के कामकाज की देखरेख करेंगे। टास्क फोर्स का मुख्यालय शिमला में होगा और यह नियमित रूप से सरकार को काम की रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। टास्क फोर्स को विशेष प्रशिक्षण और डेडिकेटेड कमांडो फोर्स के साथ तैयार किया जाएगा। टास्क फोर्स के लिए कुछ कर्मी पुलिस विभाग से जबकि अन्य कर्मचारी अन्य बलों से शामिल किए जाएंगे। टास्क फोर्स के मुख्य उद्देश्यों में नशीली दवाओं की तस्करी के नेटवर्क को ध्वस्त करना होगा। टास्क फोर्स नशीले पदार्थों की तस्करी के सरगनाओं, संगठित गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई करेगी और तेजी से फोरेंसिक प्रोटोकॉल के माध्यम से खुफिया जानकारी एकत्र कर कार्रवाई करेगी। टास्क फोर्स के माध्यम से समन्वित छापेमारी कर नशीली दवाओं के व्यापार से जुड़ी अवैध संपत्तियों को जब्त करने के साथ नशा करने वालों के पुनर्वास पर भी काम किया जाएगा।