परिषद ने डीआरडीओ के साथ संयुक्त सुपरविजन में पीएचडी डिग्री प्रारंभ करने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की, जिससे शोध के क्षेत्र में नई संभावनाएं खुलेंगी। इसके साथ ही दिव्यांगजन छात्रों के लिए परीक्षाओं के दौरान सहायक स्क्राइब को मानदेय देने का निर्णय भी लिया, ताकि उन्हें परीक्षा प्रक्रिया में सुविधा मिल सके। परिषद ने इक्डोेल के माध्यम से संचालित की जा रही स्नातक और स्नातकोत्तर डिग्री की अवधि को दोगुना करने को मंजूरी दी है। यह निर्णय 27 जनवरी 2022 से प्रभावी माना जाएगा, जिससे दूरस्थ शिक्षा के छात्रों को अपनी डिग्री पूरी करने के लिए अधिक समय मिलेगा।
परिषद ने पांच शोध केंद्रों को विभिन्न संबंधित फैकल्टी के अधीन करने को भी स्वीकृति दी, ताकि शोध कार्य अधिक व्यवस्थित और फैकल्टी आधारित निगरानी में संचालित हो सके। विश्वविद्यालय में कार्यरत अनुसंधान स्टाफ सीनियर रिसर्च ऑफिसर, रिसर्च ऑफिसर और प्रोजेक्ट ऑफिसर से संबंधित मुद्दों पर कार्यकारी परिषद के प्रस्ताव के संदर्भ में भी चर्चा की गई। बैठक में स्थायी समिति की सभी सिफारिशों को मंजूरी दी गई। एमटीटीएम, एमएचएम, एमए फिजिकल एजुकेशन और एमपीएड के पाठ्यक्रम में आंशिक संशोधन को स्वीकृति प्रदान की गई। साथ ही पीएचडी और एमएससी गणित सहित विभिन्न विषयों के प्रोजेक्ट्स के लिए नई परीक्षा प्रणाली को मंजूरी दी गई, जिससे मूल्यांकन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और शोध केंद्रित बन सके।
अकादमिक काउंसिल ने ठियोग कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. भूपेंद्र सिंह ठाकुर को सर्वसम्मति से कार्यकारी परिषद का सदस्य चुना। बैठक में प्रो. राजिंदर वर्मा, प्रो. बीके शिवाराम, रजिस्ट्रार ज्ञान सागर नेगी, प्रो. जोगिंदर सिंह धीमान सहित कई डीन, निदेशक, विभागाध्यक्ष, कॉलेज प्रिंसिपल और प्रोफेसर मौजूद रहे। बैठक में 37 सदस्य उपस्थित रहे।