पैराग्लाइडिंग की उड़ानों पर क्रिकेट का रोमांच हावी हो गया है। बिलिंग घाटी में टैंडम उड़ानों को अंजाम देने वाले पायलटों पर किसी भी प्रकार की उड़ान भरने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा दिया गया है। भारत सरकार के गृह मंत्रालय से सुरक्षा की दृष्टि से प्रतिबंध को लेकर जारी आदेशों के कारण बीड़ बिलिंग के पर्यटन व्यवसाय पर प्रतिकूल असर पड़ा है।
सरकार ने बीड़ बिलिंग में उड़ानों पर तीन से 24 मार्च तक प्रतिबंध लगा दिया है। बीड़ में करीब पांच दर्जन पायलट पर्यटन विभाग के तहत टैंडम उड़ानों के लिए पंजीकृत हैं। उड़ानों पर प्रतिबंध लगने से इन पायलटों के व्यवसाय पर प्रतिकूल असर पड़ने लगा है। एक तरफ क्रिकेट मैचों को पर्यटन व्यवसाय में सहायक माना जा रहा है। वहीं दूसरी ओर बीड़ घाटी के पर्यटन को यह मैच ग्रहण लगा रहे हैं।
सर्दियों के पैराग्लाइडिंग सीजन की समाप्ति के तीन माह बाद मार्च में पैराग्लाइडिंग सीजन की शुरुआत होती है। सीजन की शुरुआत में ही प्रतिबंध से पायलट परेशान हैं। उधर, बिलिंग पैराग्लाइडिंग के निदेशक अनुराग शर्मा ने बताया कि क्रिकेट मैचों के दौरान उड़ानों पर प्रतिबंध के मामले को प्रदेश सरकार के माध्यम से केंद्र के समक्ष रखा जा रहा है।
पायलट बोले, नहीं लगाना चाहिए बैन
पायलट ज्योति ठाकुर, अरविंद पाल, रवि कुमार, कुलदीप, अमित कुमार, हरदेव और शमशेर आदि का कहना है कि बीड़ से धर्मशाला के क्रिकेट स्टेडियम की दूरी बहुत अधिक है। ऐसे में बिलिंग स्थित टेक ऑफ प्वाइंट से टैंडम उड़ानों से मैचों की सुरक्षा पर किसी प्रकार का खतरा नहीं हो सकता है।
इसलिए सरकार को पायलटों को बीड़ के तीन किलोमीटर के दायरे में टैंडम उड़ानों पर प्रतिबंध नहीं लगाना चाहिए। उन्होंने केंद्र से भविष्य में इस प्रकार के आदेश जारी करने से पूर्व हालात को मद्देनजर रखने का आग्रह किया है।