दिन मंगलवार, वक्त सुबह के 10:00 बजे। जगह विधानसभा के साथ लगती मुख्य सड़क। नजारा, बजट सत्र की वजह से वीआईपी मूवमेंट। अचानक ट्रैफिक के बीच उछलकूद करता हुआ एक तेंदुआ पहुंच गया।
सड़क पर जो जहां था, वहीं सन्न होकर रह गया। करीब 20 मिनट तक तेंदुआ यहां घूमता रहा। अंतत: विधानसभा ड्यूटी के लिए तैनात पुलिस कर्मचारियों ने हिम्मत जुटाई और तेंदुए को खदेड़ने के लिए उसका पीछा करने लगे। भीड़ देखकर तेंदुआ डर गया और रैलिंग फांदकर रेलवे ट्रैक की झाड़ियों में खो गया।
सड़क पर तेंदुए को देखकर थोड़ी देर के लिए अफरातफरी का माहौल रहा। एजी ऑफिस की ओर से सड़क, उसके बाद रेलवे स्टेशन की ओर जाने वाले पैदल मार्ग से तेंदुआ रेलवे स्टेशन की ओर गया।
लोग सड़क किनारे रैलिंग की आड़ लेकर तेंदुए को देखते रहे। पुलिस वाले दुविधा में नजर आए कि वीआईपी काफिले के लिए रास्ता क्लीयर करें या तेंदुए को खदेड़ें। अफरातफरी को देख आखिरकार जवान तेंदुए के पीछे विक्ट्री टनल से रेलवे स्टेशन की ओर जाने वाले पैदल मार्ग पर दौड़ पड़े।
विधानसभा की ओर जाने वाले रास्ते के चौक, डाक केंद्र कार्यालय के पास रास्ता बंद होने की वजह से तेंदुआ एक बार फिर पीछे मुड़ गया। लेकिन लोगों की भीड़ देखकर उसने फुटपाथ की रैलिंग को फांदकर छलांग लगा दी और रेलवे ट्रैक की ओर झाड़ियों में खो गया।
मौके पर पहुंचे वन अधिकारी
शिमला। तेंदुए की सूचना मिलते ही वन मंडलाधिकारी अनिश शर्मा और वाइल्ड लाइफ विंग के डीएफओ सतीश गुप्ता मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने यहां नाभा, फागली, टूटीकंडी में लोगों से बातचीत की। सतीश गुप्ता ने कहा कि उसके बाद किसी को भी तेंदुआ नजर नहीं आया। विभाग अलर्ट है।
कनलोग में कर चुका है हमला
कनलोग में राह चलते लोगों को तेंदुआ बार-बार मिल रहा है। बीते वर्ष तेंदुए ने हमला कर एक व्यक्ति को घायल भी कर दिया था। स्थानीय लोगों ने इसकी शिकायत वन्य प्राणी विंग से की है। विभाग ने तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा भी लगाया पर कामयाबी नहीं मिली।