ट्रायल रिपोर्ट के आधार पर जिला नियामक समिति स्थायी संचालन के लिए अनुमति देगी। गोबिंद सागर झील में पहले से मौजूद क्रूज और शिकारे जैसी गतिविधियां पर्यटकों को आकर्षित कर रही हैं। अब इन गतिविधियों में पैरासेलिंग को शामिल करने से झील की लोकप्रियता और बढ़ेगी। इससे बिलासपुर को जल रोमांच गतिविधियों का केंद्र बनाने में मदद मिलेगी। पैरासेलिंग की यह पहल न केवल रोमांच प्रेमियों को आकर्षित करेगी बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी प्रदान करेगी। इस परियोजना का उद्देश्य बिलासपुर को जल पर्यटन का एक प्रमुख केंद्र बनाना है। इस कदम से झील के आसपास होटल, रेस्तरां और हस्तशिल्प जैसे सहायक उद्योगों में भी विकास होगा। भविष्य में प्रशासन की ओर से झील में और भी जल क्रीड़ा गतिविधियों को शुरू करने की योजना है। यदि ट्रायल सफल होता है तो पैरासेलिंग को स्थायी रूप से झील की आकर्षण सूची में शामिल किया जाएगा।
प्रशासन का उद्देश्य बिलासपुर को जल पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनाना है। गोबिंद सागर झील की प्राकृतिक सुंदरता और इसकी पर्यटन क्षमता को देखते हुए पैरासेलिंग की शुरुआत इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हम पर्यटकों को एक सुरक्षित और विश्वस्तरीय अनुभव प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं- आबिद हुसैन सादिक, उपायुक्त बिलासपुर
यह है पैरासेलिंग
पैरासेलिंग, जिसे पैरासेंडिंग के नाम से भी जाना जाता है। एक रोमांचकारी गतिविधि है। इसमें व्यक्तियों को एक संशोधित पैराशूट कैनोपी से जोड़ा जाता है। जिसे जमीन पर मोटर वाहन के पीछे खींचे जाने पर या पानी के ऊपर एक मनोरंजक नाव के पीछे खींचे जाने पर हवा में ऊपर उठने के लिए डिजाइन किया गया है। पैराग्लाइडिंग के विपरीत पैरासेलिंग में एक विशेष रूप से डिजाइन किया गया पैराशूट होता है। जिसे पैरासेल कहा जाता है। पैरासेल को या तो नाव या वाहन से खींचा जाता है और इसका नियंत्रण ऑपरेटर के पास होता है।