हिमाचल हाईकोर्ट ने विश्वविद्यालय प्रशासन को बीएड कोर्स के लिए प्रवेश परीक्षा के आधार पर काउंसलिंग और दाखिले की अनुमति दे दी है।
मुख्य न्यायाधीश एएम खानविलकर और न्यायाधीश कुलदीप सिंह की खंडपीठ ने निजी कालेजों और अभ्यर्थियों द्वारा दायर याचिका की सुनवाई के दौरान यह आदेश पारित किया।
इससे अब बीएड की 8500 सीटों पर दाखिले का रास्ता साफ हो गया है।
याचिका में कहा गया था कि बीएड के लिए विश्वविद्यालय द्वारा प्रवेश परीक्षा के लिए निर्धारित शर्तें सही नहीं हैं।
प्रार्थियों का तर्क था कि बीएड कालेजों में पहले से ही विद्यार्थियों की कमी है।
उनकी मांग थी कि योग्यता के आधार पर उन्हें बीएड कोर्स में सीधे दाखिला दिया जाए।
अदालत ने इन दलीलों से असहमति जताई और विवि को प्रवेश परीक्षा के आधार पर काउंसलिंग और दाखिले की हरी झंडी दे दी। अदालत ने अपने पिछले आदेशों में बीएड प्रवेश परीक्षा की प्रक्रिया पर रोक लगा दी थी।
इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने मेरिट जारी करने पर रोक लगा दी। अब हाईकोर्ट के आदेशों के बाद उसने काउंसलिंग की तैयारी शुरू कर दी है।
विवि शिक्षा विभाग की विभागाध्यक्ष सुदर्शना राणा ने माना कि अदालत के आदेशों के बाद शीघ्र ही काउंसलिंग का शेड्यूल फाइनल किया जाएगा।
प्रदेश में बीएड कालेज 73
बीएड की कुल सीटें 8500
प्रवेश परीक्षा में बैठे 13000
बीएड के लिए विवि की शर्तें
स्नातक में 50 फीसदी अंक होना जरूरी
आरक्षित वर्ग के लिए अंकों में 5 फीसदी की छूट
फीस वसूलने पर सुनवाई 26 सितंबर को
हाईकोर्ट निजी कालेजों से 10 फीसदी के हिसाब से यूनिवर्सिटी द्वारा फीस वसूलने से संबंधित मामले पर 26 सितंबर को सुनवाई करेगा।