लोगों की मांग, स्थायी समाधान किया जाए
जिले के राजेश नेगी, संजू नेगी, जगदीश ठाकुर, रमेश शर्मा, संजीव कुमार, प्रमोद कुमार, राजकमल नेगी, दुर्गा नेगी, दीपक नेगी, महेंद्र नेगी, विरेंद्र नेगी सहित अन्य लोगों ने कहा कि किन्नौर जिले में सफर करना जोखिमों भरा बना हुआ है। एनएचएआई और केंद्र सरकार इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे। जिले के लोग रोजाना जान हथेली पर रखकर सफर करने को मजबूर हैं। देश सीमा को जोड़ने वाली सड़क जगह-जगह बाधित हो रही है, जिससे सीमा पर तैनात जवानों की परेशानियां भी बढ़ी हुई हैं। उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार से देश सीमा को जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण एनएच की हालत में सुधार करने की मांग उठाई है।
सीमा सड़क संगठन के ओसी समदू राजकुमार प्रकाश ने बताया कि पहाड़ी से लगातार शूटिंग स्टोन गिरने के कारण सुबह छह बजे एनएच पर यातायात रोकना पड़ा। कड़ी चुनौतियों के बाद शाम छह बजे मार्ग को बहाल किया गया। मार्ग बहाली में तीन मशीनें और 20 मजदूर तैनात किए गए। एनएचएआई के कनिष्ठ अभियंता सतीश जोशी ने बताया कि नाथपा में भूस्खलन और चट्टानें दरकने का सिलसिला नहीं थम रहा। मौके पर मार्ग बहाली के लिए दो मशीनें तैनात की गई हैं।