देशभर में बढ़ रहे महिलाओं संबंधी अपराधों के चलते उद्योगों और कारखानों में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर हिमाचल सरकार ने सुरक्षा संबंधी नए आदेश जारी किए हैं।
अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रम एवं रोजगार डॉ. पीसी कपूर ने अधिसूचना जारी कर महिला कामगारों की सुरक्षा को लेकर नए नियम तत्काल प्रभाव से लागू कर दिये हैं।
नए नियमों के अनुसार किसी भी उद्योग में महिला कामगार को रात दस बजे से सवेरे पांच बजे तक काम करने की मंजूरी नहीं दी जाएगी। इसके अलावा यदि किसी भी महिला को दिन के समय दूसरी शिफ्ट में काम दिया जाता है तो भी उसे अकेला नहीं रखा जाएगा।
स्त्री कामगारों को कार्य स्थल से उनके घर तक छोड़ने के लिए परिवहन व्यवस्था की जिम्मेदारी संबंधित उद्योगों और कारखानों की होगी। वाहन में उनके साथ महिला सुरक्षाकर्मी को भेजना आवश्यक होगा।
कारखाना अधिनियम 1948 की धारा 66 की उपधारा-एक के खंड-ख का उल्लेख करते हुए स्पष्ट किया गया है कि किसी भी महिला कामगार को किसी कारखाने में रात दस बजे से सवेरे पांच बजे तक कार्य करने की मंजूरी नहीं दी जाएगी।
इसके अलावा महिला को दिन की दूसरी शिफ्ट में भी अकेला नहीं रखा जाएगा। संबद्ध कारखाने महिला कामगारों को कार्य स्थल से उनके होस्टल और आवास तक परिवहन सुविधा उपलब्ध करवाएंगे।
साथ ही कारखाने की कैंटीन में भोजन की व्यवस्था की जाएगी। इससे महिला कामगार दूसरी शिफ्ट के दौरान कारखाना परिसर के भीतर भोजन कर सकेंगी।
हिमाचल में हजारों महिलाएं उद्योगों, कारखानों और विभिन्न निजी उपक्रमों में कार्यरत हैं। अधिसूचना कड़ाई से लागू होने के बाद उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हो पाएगी।