नया रोस्टर तय करने में भी समय लगता है। ऐसे में पिछले दिनों पंचायती राज निदेशालय ने सरकार को एक पत्र भी भेजा था। इसमें पूछा था कि नई पंचायतों का गठन किया जाना है या नहीं। अगर किया जाना है तो इस प्रक्रिया को समय रहते शुरू करना होगा। इसी पर सरकार अब उपायुक्तों से प्रस्ताव मांग रही है। यह मालूम रहे कि पिछली जयराम सरकार के समय 2020 में कई नई पंचायतें अस्तित्व में आई थीं। उससे पहले हिमाचल प्रदेश में वर्ष 2010 और 2015 के चुनाव से पहले नई पंचायतों का गठन नहीं किया था, जबकि आमतौर पर हर चुनाव से पहले इनका गठन होता रहा है।
नई ग्राम पंचायतों को बनाने के लिए उपायुक्तों से प्रस्ताव मांगे गए हैं। नियमानुसार नई पंचायतें बनाना जरूरी हुईं तो इनका गठन किया जाएगा। इसके लिए नियम देखकर ही फैसला होगा- अनिरुद्ध सिंह, पंचायती राज मंत्री