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नई गाइडलाइन: हिमाचल में तीन किमी तक होगी एंबुलेंस सड़क की लंबाई, बस और भारी वाहन नहीं चलेंगे

Sat, 17 Oct 2026 05:00 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

 प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए सरकार ने जीप चलने योग्य और एंबुलेंस संपर्क सड़कों के नए दिशा-निर्देश अधिसूचित किए हैं। इन सड़कों पर बसों और भारी व्यावसायिक वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक रहेगी।
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एंबुलेंस सड़क के लिए नई गाइडलाइन। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए सरकार ने जीप चलने योग्य और एंबुलेंस संपर्क सड़कों के नए दिशा-निर्देश अधिसूचित किए हैं। इन सड़कों पर बसों और भारी व्यावसायिक वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक रहेगी। नई व्यवस्था में सड़कों की लंबाई, चौड़ाई, ढलान और मोड़ों से जुड़े तकनीकी मानक तय किए गए हैं। सड़क पर यातायात शुरू करने से पहले एंबुलेंस चलाकर जांच करनी होगी और तकनीकी समिति से प्रमाणपत्र लेना अनिवार्य होगा। नई व्यवस्था के तहत ऐसी संपर्क सड़क की लंबाई मौजूदा मुख्य सड़क से सामान्यतः तीन किलोमीटर तक ही होगी। विशेष परिस्थितियों में अधीक्षण अभियंता या उससे उच्च स्तर के सक्षम अधिकारी से छूट मिल सकेगी।

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इतनी रहेगी सड़क की चाैड़ाई
सीधे हिस्सों में सड़क के लिए न्यूनतम तीन मीटर जगह और मोड़ों तथा घुमावदार मोड़ों पर चार मीटर जगह जरूरी होगी। सड़क पर वाहनों के चलने की चौड़ाई सीधे हिस्सों में 2.5 मीटर और मोड़ों पर 3.6 मीटर रखनी होगी। आमने-सामने से आने वाले वाहनों को गुजरने में परेशानी न हो, इसके लिए हर 100 से 200 मीटर पर वाहन निकालने की जगह बनानी होगी। यह जगह 5.5 से छह मीटर चौड़ी और 12 से 15 मीटर लंबी होगी। सुरक्षा के लिए सामान्य हिस्सों में वाहनों की निर्धारित गति 20 किलोमीटर प्रति घंटा, संकरे हिस्सों में 15 किलोमीटर प्रति घंटा और तीखे मोड़ों पर 10 किलोमीटर प्रति घंटा होगी।

ढलान  इतने प्रतिशत रहेगी
सामान्य ढलान अधिकतम 7.5 प्रतिशत, सीमित ढलान 10 प्रतिशत और विशेष परिस्थितियों में अधिकतम 12.5 प्रतिशत तक रखी जा सकेगी। 12.5 प्रतिशत ढलान वाला हिस्सा 100 मीटर से लंबा नहीं होगा। ऐसे हिस्सों में मजबूत सुरक्षा अवरोध लगाना अनिवार्य होगा। सड़क की सतह के लिए कंक्रीट या तैयार खंडों वाली पक्की सतह को प्राथमिकता दी जाएगी। अधिक ढलान और तीखे मोड़ों पर पेवर ब्लॉक या कंक्रीट जरूरी होंगे। आठ प्रतिशत से अधिक ढलान पर पानी की निकासी के लिए बीच-बीच में नालियां और प्राकृतिक नालों पर बॉक्स कलवट बनाने होंगे।
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प्रवेश द्वार पर भारी वाहनों के प्रतिबंध का बोर्ड भी लगाना होगा
प्रवेश द्वार पर भारी वाहनों के प्रतिबंध का बोर्ड भी लगाना होगा। सड़क खोलने से पहले 5615 मिलीमीटर लंबी और 1900 मिलीमीटर चौड़ी एंबुलेंस श्रेणी की निर्धारित गाड़ी से परीक्षण करना होगा। सड़क की जांच के बाद तकनीकी समिति प्रमाणपत्र जारी करेगी, तभी यातायात की अनुमति मिलेगी। पहले से बनी सड़कों को भी सुरक्षा और पक्की सतह से जुड़े मानक पूरे करने के बाद ही सशर्त मंजूरी दी जाएगी। लोक निर्माण विभाग के प्रधान सचिव देवेश कुमार की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार इन दिशा-निर्देशों का उद्देश्य राज्य के कठिन भौगोलिक क्षेत्रों में अंतिम छोर तक आपातकालीन सेवाओं और हल्के वाहनों की पहुंच सुनिश्चित करना है।
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