दरअसल, फ्रेशर पार्टी की तैयारियों के लिए जूनियर प्रशिक्षु को उसी के बैचमेट ने पहले फोन कर बुलाया। जूनियर प्रशिक्षु के फोन नंबर से ही सीनियर ने बात की तो जूनियर शिकायतकर्ता ने इसे हल्के में लिया और गाली-गलौज कर डाली। शिकायतकर्ता ने खुद को सबसे अलग बताया और किसी से न डरने की बात कहते हुए परिसर में एक अलग ही माहौल बना दिया। इससे भड़के 2022 बैच के दो सीनियर ने जूनियर की हॉस्टल के कमरे में पिटाई कर दी। प्रशिक्षु डॉक्टरों की मारपीट का यह मामला 18 दिसंबर 2025 शाम 6 बजे का है। इसकी शिकायत अगले दिन छात्रावास के प्रबंधक व थाना बल्ह में दर्ज करवाई थी। कॉलेज की ओर से गठित कमेटी की जांच में शिकायतकर्ता नशे का आदी निकला।
शिकायतकर्ता प्रशिक्षु डॉक्टर ने शिकायत के बाद समझौते की एवज में सीनियर प्रशिक्षु डॉक्टरों से अपने किसी भाई के जरिये धनराशि की भी मांग भी की थी। बाकायदा जांच में इसकी कॉल रिकॉर्डिंग कमेटी के समक्ष रखी गई। जांच में सीनियर ने मारपीट की बात को कबूला और शिकायतकर्ता पर उकसाने के आरोप लगाए। जांच के दौरान बाकायदा लिखित माफी भी सीनियर प्रशिक्षुओं ने मांगी लेकिन कमेटी ने इसे काफी नहीं माना।
उधर, लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज नेरचौक के प्राचार्य डॉ. डीके वर्मा ने बताया कि जांच के बाद मारपीट करने वाले दोनों सीनियर प्रशिक्षुओं को 1 वर्ष के लिए हॉस्टल और तीन महीनों के लिए कक्षाओं से निष्कासित कर दिया गया है। 20-20 हजार का जुर्माना भी लगाया गया है। शिकायत करने वाले प्रशिक्षु डॉक्टर को 6 हफ्तों के लिए हॉस्टल से निष्कासित करने के साथ ही 10 हजार का जुर्माना भी लगाया है। डॉ. वर्मा ने बताया कि मारपीट करने वाले दोनों प्रशिक्षु डॉक्टर पहले भी रैगिंग के मामले में संलिप्त रह चुके हैं। उन्हें पहले भी छह महीनों के लिए कॉलेज से निलंबित किया जा चुका है। तीनों को काउंसलिंग के लिए भेज दिया गया है।