नीट की परीक्षा रद्द होने से बच्चों में आक्रोश, बोले-फिर करनी होगी तैयारी
एनटीए ने नीट-2026 का पेपर लीक होने के बाद मंगलवार को परीक्षा रद्द कर दी है। एनटीए के इस फैसले के बाद शिमला में नीट का पेपर दे चुके विद्यार्थियोंऔर अभिभावकों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। शिमला में एनटीए ने 3738 विद्यार्थियों के एडमिट कार्ड जारी किए थे। इनमें से 3627 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी। अभ्यर्थियों ने एनटीए की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। विद्यार्थियों का कहना है कि नीट का पेपर रद्द होना दुर्भाग्यपूर्ण है। कई छात्रों के अभिभावकों ने बताया कि नीट का पेपर लीक होना एक बार की बात नहीं है। नीट के पेपर लीक होने की घटनाएं बार-बार होना चिंता का विषय है। पेपर के रद्द होने से छात्रों की मानसिक स्थिति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। अभ्यर्थियों का कहना था कि पेपर लीक की घटनाओं से उनकी मानसिक स्थिति, मेहनत, समय और आर्थिक स्थिति सभी पर असर पड़ता है। विद्यार्थियों का कहना है कि जिन बच्चों का पेपर अच्छा हुआ था उन्होंने पढ़ाई से ब्रेक ले लिया था लेकिन अब दोबारा पढ़ाई करनी पड़ेगी। विद्यार्थियों ने कहा कि सरकार को सख्त कदम उठाने चाहिए और बार-बार हो रही पेपर लीक की घटनाओं पर रोक लगानी होगी। राजधानी शिमला में एनटीए ने नीट की परीक्षा के लिए 9 केंद्र स्थापित किए थे।
तय होनी चाहिए जिम्मेदारी: पंडित
शिमला निवासी राजीव पंडित ने बताया कि उनके बेटे ने नीट की परीक्षा दी थी। बच्चे को उम्मीद थी कि इस बार अच्छे रैंक के साथ परीक्षा पास होगी। आज अचानक पता चला कि पेपर लीक हो गया। नीट का पेपर बार-बार लीक होना चिंता का विषय है। पेपर लीक के लिए किसी की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए ताकि यदि पेपर लीक हो तो उसके खिलाफ कार्रवाई हो।
दो साल साल तैयारी के बाद दिया था पेपर: मृदुल शर्मा
अभ्यर्थी मृदुल शर्मा ने कहा कि दो साल से नीट की तैयारी कर रहा था। उम्मीद थी कि इस बार उनके 690 अंक आ सकते हैं और उन्हें अच्छे संस्थान में एडमिशन मिलेगी। पेपर अच्छा होने के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी रिजल्ट का इंतजार था लेकिन अब पेपर रद्द होने के बाद परीक्षा की तैयारी दोबारा करनी पड़ेगी।
इस बार पेपर क्लीयर होने की थी उम्मीद: सानिया सिंगला
अभ्यर्थी सानिया सिंगला ने कहा कि इस बार पेपर ठीक हुआ था। उम्मीद थी कि पेपर क्लीयर हो जाएगा। पेपर के लिए दो साल से तैयारी की थी। पेपर हुए काफी दिन हो गए पढ़ाई का रूटीन टूट गया था। दोबारा रूटीन बनाना मुश्किल होता है। पेपर इस बार लंबा आया था लेकिन अब डर लग रहा है कि एनटीए पेपर मुश्किल डालेगा।
मेहनत पर फिर गया पानी : पार्थ
ओल्ड बस स्टैंड निवासी पार्थ पंडित ने कहा कि मेरी मेहनत पर पानी फिर गया। पेपर अच्छा हुआ था और जब चेक किया तो नंबर 686 बन रहे थे। अब दोबारा तैयारी करनी पड़ेगी।
कई महीने से की थी तैयारी: कशिश
कुमारसैन निवासी कशिश ने कहा कि कई महीने से परीक्षा की तैयारी की थी। इस बार उम्मीद थी कि अच्छे अंक आएंगे, अब पता चला है कि परीक्षा ही रद्द हो गई है, यह गलत है। इस तरह अचानक पेपर रद्द होने से छात्रों का मनोबल गिरेगा।